मामले का खुलासा करते हुए उप पुलिस अधीक्षक (अपराध) नरेंद्र सिंह ने बताया कि 22 जून को कुलदीप कौर पत्नी संदीप सिंह निवासी नयागांव (मोहाली) ने थाना पिहोवा में शिकायत दी थी कि साल 2004 में उसकी शादी संदीप के साथ हुई थी।
साल 2008 से वह लोग मोहाली के नयागांव में रहने लगे थे। यहां 2018 से मंजीत निवासी देवीगढ़ (पटियाला) का उसके पति के पास आना-जाना था। गत 21 जून को उसका पति संदीप घर से एक जोड़ी कपड़े व अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर लेकर इनोवा कार में मंजीत से पैसे लेने गया था।
21 जून करीब आठ बजे उसकी संदीप से फोन पर बात हुई थी। संदीप ने बताया था कि वह मंजीत को उसके गांव में छोड़कर पटियाला की एक होटल में ठहरा है। अगले दिन संदीप ने फोन पर बताया कि काम पूरा होने पर वह घर लौट आएगा। फिर 23 जून को उसकी संदीप व मंजीत दोनों से फोन पर बात हुई। उस समय संदीप काफी घबराया लग रहा था।
इसी घबराहट में ही फोन कट जाने से उसकी बात पूरी नहीं हो पाई। इसके बाद शाम करीब सात बजे संदीप ने उसे बताया कि वह दो घंटे तक चंडीगढ़ पहुंचा रहा है लेकिन वह घर नहीं पहुंचा और उसका फोन भी स्विच ऑफ आ रहा था।
24 जून सुबह करीब 4 बजे भी उसने फोन किया लेकिन बात न हुई। तब उसने मंजीत को फोन करके संदीप से बात कराने को कहा, जिस पर मंजीत ने बताया कि संदीप 23 जून शाम सात बजे ही उसके पास से चला गया था। गुरुवार सुबह करीब सवा नौ बजे सूचना मिली कि संदीप का शव बोधनी नहर के पास इनोवा कार से बरामद हुआ है। पुलिस ने कुलदीप कौर की शिकायत पर सिपाही मंजीत के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी थी।
26 जून को एंटी नारकोटिक सेल के प्रभारी निरीक्षक मनदीप सिंह के मार्गदर्शन में उप निरीक्षक धर्मबीर सिंह, दलजीत सिंह, सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार, सतीश कुमार, हवलदार अरविंद कुमार, सिपाही संजीव व दिनेश कुमार की टीम ने आरोपी मंजीत सिंह, प्रदीप उर्फ सनी व सुखपाल उर्फ राज निवासी यान खेडी राजू सिंह थाना जुल्का जिला, पटियाला (पंजाब) को गिरफ्तार किया है।
संदीप ने कहा था वह उसका रिकॉर्ड ठीक करा देगा
पूछताछ पर आरोपी सिपाही मंजीत ने बताया कि वह चंडीगढ़ पुलिस में सिपाही के पद पर नौकरी करता है और उसका पुलिस विभाग में रिकॉर्ड खराब होने के कारण उच्च अधिकारियों ने उसके 18 इंक्रीमेंट रोक रखे थे। उसकी करीब दो साल पहले संदीप के साथ जान पहचान हुई थी। संदीप ने बताया था कि उसकी पहुंच बहुत ऊंची है। वह उसका सारा रिकॉर्ड ठीक करा देगा। जिसके बदले संदीप ने उससे 10 लाख की मांग की। करीब डेढ साल पहले संदीप को 10 लाख दे दिए लेकिन उसने न तो उसका रिकॉर्ड ठीक कराया और न ही पैसे वापस किए।
हत्या से पहले बंधक बनाकर रखा
आरोपी मंजीत ने अपने साथियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से संदीप को देवीगढ़ मिलने बुलाया। यहां एक किराये के मकान में बंधक बनाकर उसका फोन व लाइसेंसी रिवाल्वर छीन ली। योजनाबद्ध तरीके से उसकी लोकेशन को पिहोवा में दिखाने के लिए 02 दिन लगातार आरोपी उसके फोन को लेकर पिहोवा में घूमता रहा। अपने साथियों के साथ मिलकर 23 जून की रात बोधनी नहर के पास उसी की लाइसेंसी रिवाल्वर से चार गोली मारकर हत्या कर दी।