अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
रेलवे रोड पर स्थित एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में शिक्षिका से छेड़छाड़ व जान से मारने की धमकी देने के मामले में मैनेजमेंट सदस्य एवं कथित आरोपी नरेंद्र कुमार जैन ने शुक्रवार देर सायं पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया, जिन्हें शनिवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।
वहीं पीड़ित शिक्षिका व स्कूल प्रिंसिपल की स्कूल से छुट्टी कर दी गई, जिसकी सूचना उन्हें शनिवार को सुबह उस समय मिली जब वे स्कूल पहुंची। हालांकि उन्हें देर शाम तक इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला, लेकिन गेट पर ही सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें सस्पेंड करने की सूचना मिली तो मायूस होकर घर लौट गई। उन्होंने बताया कि उन्हें एक दिन पहले स्कूल में एंट्री बैन का पत्र मिला था, लेकिन अगले ही दिन शनिवार को सुबह उन्हें गेट पर कर्मियों ने सस्पेंड कर दिए जाने की सूचना दी।
महिला थाना प्रभारी प्रवीण कौर व जांच अधिकारी बलबीर कौर का कहना है कि पीड़िता की शिकायत पर मैनेजमेंट के आरोपी सदस्य नरेंद्र जैन के खिलाफ छेड़छाड़ व जान से मारने की धमकी दिए जाने के आरोपों के चलते विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। दो दिन पहले दर्ज मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पुरजोर प्रयासों में जुटी थी, लेकिन देर सायं उसने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। शनिवार को उनका मेडिकल चेकअप करवाने के बाद जेएमआईसी अभिमन्यु सिंह की अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।
जांच अधिकारी की ओर से सही नहीं पेश किए जा सके सबूत : पीड़िता
पीड़ित शिक्षिका ने देर शाम स्कूल के गेट के समक्ष ही पत्रकारों से बातचीत की, जिसमें उन्होंने कहा कि वह खुद हैरान है कि ऐसे मामले में भी आरोपी को जमानत मिल गई। आरोपी के खिलाफ पुलिस को सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड फुटेज भी दे दी थी, लेकिन मामले कीजांच पुलिस अधिकारी उसे सबूत के तौर पर अदालत में प्रस्तुत नहीं कर पाई। उन्हें आशंका है कि पुलिस किसी न किसी दबाव के चलते ही मजबूत केस नहीं रख पाई। अब इस मामले में वे ऊपरी अदालत में लेकर जाएंगे और न्याय मिलने तक वे पूरी कार्रवाई को अंजाम देंगे।
अदालत में पेश करने के तौर पर रिकार्डिंग सुबूत पीड़िता ने नहीं दिए : एसएचओ
एसएचओ प्रवीण कौर का कहना है कि पीड़िता से अनेकों बार सीसीटीवी रिकार्डिंग सबूत सही तरीके से दिए जाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने केवल मोबाइल में ही क्लिपिंग दी, जिसे अदालत में पेश नहीं किया जा सकता। पुलिस ने अपनी कार्रवाई सही तरीके से की है और किसी भी स्तर पर खामी नहीं बरती है।
पीड़िता व प्रिंसिपल बोली, कमेटी के 10 सदस्यों ने एंट्री बैन के आदेशों से किया किनारा
पीड़िता व प्रिंसिपल देर शाम स्कूल के मुख्य गेट के बाहर पहुंची, जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि स्थानीय कमेटी के अलावा प्रदेश स्तरीय कमेटी के 10 एक्जिक्यूटिव सदस्यों ने स्कूल में उनकी एंट्री बैन से किनारा कर लिया है। यहां तक कि लुधियाना में एक मीटिंग करने उपरांत उन्होंने प्रेस ब्यान भी जारी किया है, जिसकी प्रति उनके पास भी भेजी है। इन सदस्यों में गौरव जैन, विनय कुमार जैन, अनिल जैन, सुभाष जैन, विनीत जैन, प्रिंस कुमार जैन, पुनीत कुमार जैन व ईश कुमार जैन शामिल है। उन्होंने बताया कि उक्त सदस्यों ने जारी बयान में स्पष्ट किया है कि उनकी स्कूल में एंट्री बैन को लेकर मैनेजमेंट का सामूहिक फैसला नहीं है जबकि यह मामला उनके संज्ञान में भी नहीं था।