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पॉक्सो एक्ट में मां और सौतेले पिता को 10 साल की सजा

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पॉक्सो एक्ट में मां और सौतेले पिता को 10 साल की सजा
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अतिरिक्त जिला सत्र एवं न्यायाधीश मधु खन्ना लाली की अदालत ने मां सीमा और सौतेले पिता मोहन लाल को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने उनके खिलाफ अलग-अलग धाराओं में सजा और जुर्माना लगाया है। एडीजे मधु खन्ना लाली की अदालत ने दंपति सीमा और मोहन लाल को आईपीसी की धारा 328/34 के तहत दोषी करार देते हुए सात साल के कठोर करावास और 10-10 हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों को छह-छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास काटना होगा। पोक्सो एक्ट में दोनों को दोषी करार देते हुए दोनों को 10-10 साल की सजा और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोनों को एक-एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि एक मार्च 2016 को महिला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि एक नाबालिग से उसकी मां सीमा और सौतेले पिता मोहन लाल पैसों के लालच में अनैतिक कार्य कराते हैं। दोनों दोषियों पर नाबालिग को जबरदस्ती शराब पिलाने और नशे का सेवन कराने का भी आरोप था। नाबालिग का सौतेले पिता मोहन लाल अनैतिक कार्य करने से मना करने पर मारपीट भी करता था। बताया गया है कि पीड़िता एक दिन किसी तरह अपनी आंटी अंजू के पास पहुंची। वहां से पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद माता सीमा और सौतेले पिता मोहन लाल के खिलाफ पाक्सो एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धारों के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामलेे की जांच एएसआई रमनदीप कौर ने की थी।
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