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सीएम आफिस से जारी हुआ बीडीपीओ को शोकाज नोटिस

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सीएम ऑफिसर के आदेश पर नप एमई सस्पेंड, बीडीपीओ को शोकॉज नोटिस
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
सीएम आफिस से कुरुक्षेत्र के दो अधिकारियों पर कार्रवाई निर्देश दिए गए है। इनमें थानेसर नगर परिषद के म्यूनसिपल इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है, जबकि थानेसर के बीडीपीओ को शोकाज नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई सीएम विंडो पर की गई शिकायत के बाद की गई है। मामले की पुष्टि कुरुक्षेत्र की डीसी सुमेधा कटारिया ने की है। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि इस बारे में अभी तक अधिकारिक रूप से कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन सरकार की एक सोशल मीडिया एप पर डाली गई सूचना से उन्हें इस बारे में पता लगा है।
उन्होंने बताया कि थानेसर नगर परिषद के म्यूनसिपल इंजीनियर ईश्वर वर्मा के खिलाफ हरपथ योजना में लापरवाही बरतने की शिकायत सीएम विंडों पर की गई थी। थानेसर नगर परिषद के एग्जीक्यूटिव आफिसर बीएन भारती और सस्पेंड किए गए म्यूनसिपल इंजीयिर से जब संपर्क करना चाहा तो वे उपलब्ध नहीं हुए। जिला विकास एवं खंड अधिकारी कपिल शर्मा ने थानेसर के बीडीपीओ विकास कुमार को शोकाज नोटिस जारी करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बारना वासी सुभाष ने गांव महिला पूर्व सरपंच पर घपले के आरोप लगाते हुए शिकायत सीएम विंडो पर की थी। इसके अलावा सुभाष ने दूसरी शिकायत थानेसर के बीडीपीओ विकास के खिलाफ भी सीएम विंडो पर की थी,जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है।
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पूर्व सरपंच पर लगा था 45 लाखा के घपले का आरोप
गांव बारना वासी सुभाष के मुताबिक पूर्व सरपंच के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर घपला हुआ है। उन्होंने पूर्व सरपंच के कार्यकाल में करीब 45 लाख रुपये घपले का आरोप लगाया था। उन्होंने इस मामले की शिकायत सात मार्च 2017 को सीएम विंडो पर की थी। 17 जुलाई 2017 को उन्होंने बीडीपीओ विकास कुमार पर पूर्व सरपंच पर कार्रवाई न करने और नियमानुसार कार्रवाई के नाम पर लीपापोती करने की शिकायत सीएम विंडो पर दी थी।
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शिकायतकर्ता के कुनबे की सदस्य हैं पूर्व सरपंच
गांव बारना की पूर्व सरपंच पर लाखों रुपये के घपले के आरोप लगाने वाला शख्स कोई बाहर का नहीं, बल्कि उनके कुबने का ही सदस्य है। सुभाष के मुताबिक यह घपला विकास कार्यों में हुआ है। इनमें पुराने विकास कार्यों को नए कार्यों में दिखाने और फर्जी बिल लगाने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता की माने तो इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होने पर पूरे घपले की परतें खुल सकती हैं।
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