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ग्रुपबाजी का शिकार हुआ गुरप्रीत, पहले की रेकी फिर उतारा मौत के घाट

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अमर उजाला ब्यूरो
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शाहाबाद। छोटी दिवाली के दिन कमेटी चौक बाजार में हुई मद्दीपुर के गुरप्रीत(22) की हत्या का कारण ग्रुपबाजी निकला। गुरप्रीत की हत्या करने वाले युवक भूपी राणा गैंग के सदस्य थे। शनिवार को सीआईए-1 पुलिस ने हत्याकांड में शामिल एक आरोपी रवि उर्फ रविंद्र वासी कठवा को शाम साढ़े सात बजे के करीब बस स्टैंड के धर दबोचा।
इंस्पेक्टर केवल सिंह ने बताया कि सूचना पर आरोपी रवि उर्फ रविंद्र शाहाबाद बस स्टैंड से पकड़ा है। रवि पैसे की व्यवस्था करने के लिए बस स्टैंड पर आया था और किसी व्यक्ति की प्रतीक्षा कर रहा था। पूछताछ में रवि ने वारदात में शामिल 6 लोगों के नाम बताए हैं। अन्य 3-4 लोगों के वह नाम नहीं जानता पर पहचानता जरूर है। फिलहाल बताए गए नाम सार्वजनिक करने से पुलिस ने इनकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने मृतक के भाई तरसेम की शिकायत पर मनजीत सिंह वासी गांव तंगौर, रवि राणा वासी गांव कठुआ, ऊधम राणा वासी गांव कठुआ आदि, राणा निवासी गांव सूढ़पुर तथा 4-5 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज था। रविवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। मामला भूपी राणा और मोनू राणा गैंग के बीच वर्चस्व का है। भूपी राणा यमुनानगर जेल और मोनू राणा अंबाला जेल में सजा काट रहा है।
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मोनू राणा ग्रुप को मानता था गुरप्रीत
इंस्पेक्टर केवल सिंह ने बताया कि रवि ने बताया कि वह भूपी राणा ग्रुप में शामिल था। गुरप्रीत सिंह मोनू राणा ग्रुप को मानता था। दो माह पूर्व गुरप्रीत की भूपी राणा ग्रुप के सदस्यों से गाली-गलौज हुई थी। तभी से इस ग्रुप की खुन्नस गुरप्रीत से हो गई थी और गुरप्रीत के अकेले मिलने की ताक में थे। दिवाली से एक दिन पूर्व 6 नवंबर को गुरप्रीत की रेकी की गई और शाहाबाद कुटिया रोड पर अकेला पाकर उसका कत्ल कर दिया।

राजकीय विद्यालय में बनाना चाहते थे अपना-अपना प्रधान
आरोपी रवि ने खुलासा किया है कि भूपी राणा और मोनू राणा ग्रुप शाहाबाद के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अपना-अपना प्रधान बनाना चाहते थे। इसी को लेकर दोनों ग्रुपों में तनातनी चल रही थी। इसी विरोधाभास का शिकार गुरप्रीत हो गया। इंस्पेक्टर केवल सिंह के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी रवि ने बताया कि इस वारदात को अंजाम देने के बाद वह देहरादून भाग गया था। पैसे खत्म होने पर शाहाबाद पैसों की व्यवस्था करने आया था और पुलिस के हत्थे चढ़ गया। कुछ हत्यारोपी मोहाली के आसपास किराये पर कमरा लेकर रह रहे हैं। कुछ दिल्ली, पंजाब और यूपी भाग गए हैं। पुलिस ने रवि से मिली जानकारी के बाद उनकी तलाश शुरू कर दी है।

परिजनों की मांग पर हत्या की जांच सौंपी थी सीआईए-1 को
परिजनों की मांग और राज्यमंत्री कृष्ण बेदी की सिफारिश पर गुरप्रीत हत्याकांड की सिफारिश सीआई को सौंपी गई थी। एसपी के निर्देश पर सीआईए-1 ने हत्यारोपी को गिरफ्तार करने के मामले की परतें खोलनी शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर केवल सिंह ने बताया कि तीन टीमें अभी यूपी, पंजाब और चंडीगढ़ में छापामारी पर हैं और देर रात तक गिरफ्तारी हो सकती है। रविवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
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यह था मामला
दिवाली से एक दिन पूर्व शाहाबाद के अति व्यस्ततम बाजार कमेटी चौक में गांव मद्दीपुर वासी 22 वर्षीय सिख कंबोज युवक गुरप्रीत सिंह की सरेआम चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में पुलिस ने मृतक के भाई तरसेम की शिकायत पर मनजीत सिंह वासी गांव तंगौर, रवि राणा वासी गांव कठुआ, ऊधम राणा वासी गांव कठुआ आदि राणा वासी गांव सूढ़पुर तथा 4-5 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में मृतक के भाई तरसेम सिंह ने कहा कि वह और उसका भाई गुरप्रीत सिंह 6 नवंबर को दोपहर 2 बजे अपने गांव मद्दीपुर से शाहाबाद गए थे और कुटिया रोड पर कालड़ा स्वीट हाउस के पास खड़े थे। इस पर उसके भाई गुरप्रीत ने कहा कि सामने दुकान पर उसके दोस्त ऋषभ और काकू खड़े हैं, वह उनसे बात करके आ रहा है। शिकायतकर्ता ने कहा कि इस दौरान पांच मोटरसाइकिलों पर सवार होकर कई युवक आए और बिना किसी कारण उसके भाई गुरप्रीत पर तेजधार हथियारों, चाकुओं एवं लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
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