स्कूल बस और बाइक की भिड़ंत में नाबालिग छात्र की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
गांव संधौला के पास एक स्कूल बस और बाइक की भिड़ंत में बाइक सवार निजी स्कूल के छात्र प्रिंस की मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद स्कूल बस चालक मौके से भाग निकला। प्रिंस पिहोवा के भगवान परशुराम स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र था और हादसे के समय स्कूल जा रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने स्कूल बस को कब्जे में लेकर बस नंबर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस में दर्ज शिकायत में गांव संधौला निवासी मृतक छात्र के चाचा बलवान सिंह ने बताया कि वह बाइक पर गांव से पिहोवा के लिए निकला था। उसके आगे उसका भतीजा प्रिंस भी अपनी बाइक से स्कूल जा रहा था। वह संधौला-असमानपुर वाली सड़क पर पहुंचा तो सामने से आ रही स्कूल बस ने प्रिंस की बाइक को टक्कर मार दी। इसके बाद स्कूल बस उसे घसीटते हुए ले गई। इससे प्रिंस की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी चालक बस मौके से भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कुरुक्षेत्र स्थित लोक नायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल भेज दिया।
सूचना मिलते ही स्कूल में की छुट्टी
भगवान परशुराम स्कूल के प्रिंसिपल वेद प्रकाश ने बताया कि उनके पास हादसे के कुछ ही देर बाद ही सूचना पहुंच गई थी। इसके बाद स्कूल के सभी शिक्षकों और बच्चों में भी शोक की लहर दौड़ गई। सूचना के बाद स्कूल की छुट्टी कर दी गई। उन्होंने बताया कि प्रिंस पढ़ाई में अच्छा था। वह सभी बच्चों और शिक्षकों के साथ अच्छा बरताव करता था।
चार दिन पहले खरीदी बस
स्कूल बस पर लिखे नंबर पर जब संपर्क किया गया तो लिटल स्टार पब्लिक स्कूल के एमडी एसके ग्रोवर ने बताया कि यह स्कूल बस उन्होंने चार दिन पहले ही सारसा के एक निजी स्कूल से खरीदी थी। अभी यह बस उनके नाम नहीं हुई है। इसके कागजात ट्रांसफर करवाने के लिए कुरुक्षेत्र जाना था। जब उनसे सवाल किया गया कि स्कूल बस पर आपके स्कूल का नाम और नंबर लिखे हैं, तो उन्होंने फोन काट दिया।
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की नहीं परवाह
स्कूल संचालक सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की अवहेलना कर रहे हैं। हादसा करने वाली बस भी सुरक्षा पॉलिसी के कई नियमों की अनदेखी कर चलाई जा रही थी। बस में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। एसएचओ जयनारायण शर्मा ने बताया कि पुलिस ने बस नंबर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से भाग गया था। मामले की जांच कर रही है। स्कूल संचालक से बस के कागजात मंगवाए जाएंगे। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिर्फ घटना के बाद एक्शन
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को लेकर प्रशासन किसी घटना के बाद ही हरकत में आता है। इसके बाद फिर सो जाता है। इस मामले में भी ऐसा ही देखने को मिला है। स्कूल बस में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। स्कूल के एमडी के अनुसार यह बस चार दिन पहले गांव सारसा के एक निजी स्कूल से खरीदी गई थी और अभी उनके नाम नहीं हुई थी। बावजूद इसके यह बस बच्चों को लेकर अपने रूट पर चल रही थी।
शिक्षा विभाग को करनी चाहिए कार्रवाई : एसपी
नाबालिग स्कूली बच्चे सड़कों पर धड़ल्ले से वाहनों चला रहे हैं। इस बारे में पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के खिलाफ शिक्षा विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस इन बच्चों को स्कूलों में जाकर जागरूक कर सकती है। सड़कों पर ऐसे बच्चे वाहन चलाते हुए मिलते हैं, तो चालान किए जाते हैं।
नहीं हो रहा पुलिस के अभियान का असर
स्कूलों में बच्चों को यातायात नियमों से अवगत करवाने के लिए पुलिस विभाग ने अभियान चलाया हुआ है। डीएसपी तान्या सिंह से लेकर ट्रैफिक एसएचओ अनेक स्कूलों में इस संबंध में क्लास ले चुके हैं। इसके बावजूद स्कूलों में इसका असर दिखाई नहीं दे रहा। अधिकतर स्कूलों में बड़ी संख्या में नाबालिग बच्चे दोपहिया वाहन लेकर स्कूल पहुंचते हैं।
थमने का नाम नहीं ले रहे हादसे
स्कूली बच्चे लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। 19 दिसंबर को गांव कनीपला के एक माता पंजाब कौर स्कूल की वैन के रौंदने से गांव सिरसला निवासी पांच वर्षीय अरमान की मौत हो गई थी। इससे पहले शहर के महाराजा अग्रसेन स्कूल में पढ़ने वाले गांव उमरी निवासी पहली कक्षा के मासूम छात्र की स्कूल परिसर में ही बस की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर समझौता नहीं: बडोला
बाल संरक्षण आयोग के सदस्य परमजीत सिंह बडोला ने बताया कि बच्चे राष्ट्र की धरोधर हैं। छात्र की मौत से राष्ट्र की क्षति हुई है। इस मामले में यदि स्कूल सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी का उल्लंघन करता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार का समझौता सहन नहीं होगा। दूसरा बच्चों को बाइक से स्कूल भेजना भी गलत है। अभिभावकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।