फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरुबख्श के शव पर डाला खालिस्तान का झंडा तो जमकर लगाए खालिस्तान के नारे

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद।
सजा काट चुके जेलों में बंद सिखों की रिहाई की मांग को लेकर करीब 80 फुट ऊंची पानी की टंकी से छलांग लगाकर जान देने वाले गुरबख्श सिंह का आखिरकार छठे दिन अंतिम संस्कार हो गया। दो एसएसओ को सस्पेंड करने के आर्डर की कॉपी मिलने के बाद ही परिवार व सिख संगठनों ने अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार के समय पुलिस की मौजूदी में गांव ठसकाली में खालिस्तान के नारे लगे। खालिस्तान के झंडे फहराए गए। शव पर कफन के तौर पर खालिस्तान का झंडा डाला गया था। इसको लेकर सरकार के नेता भी मूक दर्शक बने रहे। वहीं प्रशासन भी चुप्पी साधे नजर आया। गुरुबख्श सिंह के अंतिम संस्कार के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और पिछले छह दिनों से छावनी में तबदील इलाके से पुलिस फोर्स भी कम कर दी गई। इससे लोगों ने भी राहत की सांस ली है। सारे मामले पर एडीजीपी आरसी मिश्रा व एसपी कुरुक्षेत्र ने गांव ठोल के सरकारी स्कूल में डेरा डालकर नजर बनाए रखी। एडीसी भी उनके साथ मौजूद रहे।
रविवार को गुरुबख्श सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर साढ़े चार बजे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। जहां शनिवार को असंध के विधायक व सिख नेताओं ने आपसी रजामंदी पर सहमति जता दी थी और सुबह दस बजे संस्कार करने की बात कही थी, वहीं रविवार क ो गुरुबख्श सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर जैसे ही सारे परिजन व रिश्तेदार जुटे और अंतिम संस्कार की तैयारिया शुरू की तो सिख नेताओं ने दोनों एसएचओ के निलंबित किए जाने की कॉपी देने की मांग करते हुए अंतिम संस्कार की तैयारियां रोक दी। इसके चलते असंध के विधायक बख्शीश सिंह विर्क व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अपार सिंह, हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हरमिंद्र सिंह गांव ठोल के सरकारी स्कूल में मौजूद एडीजीपी और एसपी कुुरुक्षेत्र से बातचीत करने पहुंचे। वहां से दोनों में सहमति बनी की दोनों थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जैसे ही इन सिख नेताओं ने गांव ठसकाली में आकर संगत को बताया तो उन्होंने बात मानने से इंकार कर दिया। दोनों प्रभारियों को सस्पेंड करने की मांग कर प्रशासन को एक घंटे का समय दिया। उसके बाद शव को पंजाब ले जाने की बात कहने लगे। सिखों की इस बात से हरकत में आए पुलिस के जवानों ने जैसे ही ये सब रोकने के लिए गांव की ओर बढ़े तो इससे गांव में तनाव पैदा हो गया। इस पर विधायक ने सिख नेताओं को समझाया कि इसके बाद उनके हाथ में भी कोई बात नहीं रहेगी। इसके बाद सिख नेताओं ने अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी। करीब साढ़े चार बजे शव पर खालिस्तान के झंडे का कफन डालकर खालिस्तान जिंदाबाद और बंदी सिखों की रिहाई की मांग के नारे लगाते हुए सिख श्मशानघाट में शव को लेकर गए। शव यात्रा में भिंडरावाला संत सिपाही, जिने सुती कौम जगाई और खालिस्तान जिंदाबाद के नारों के बीच श्मशानघाट तक ले जाया गया। गुरबख्श सिंह के बेटे जुझार सिंह ने मुखाग्नि दी। मौके पर संत बलजीत सिंह दादुवाल ने प्रशासन द्वारा दी गई मजिस्ट्रेट जांच की कॉपी सौप दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसएचओ दलीप सिंह को अंबाला व दिनेश चौहान को भेजा यमुना नगर : मिश्रा
एडीजीपी आरसी मिश्रा ने बताया कि गांव ठसकाली में शांति बहाल रखने के लिए थाना प्रभारी झांसा दलीप सिंह को अंबाला और थाना प्रभारी इस्माीलाबाद दिनेश चौहान को यमुनानगर भेज दिया गया है। गुरुबख्श सिंह के अंतिम संस्कार के बाद गांव में शांति बहाल है। फिर भी किसी शरारती तत्व को शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस कर्मचारी मामले में निगरानी रखेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें