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पुलिस ने पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंपे तीनों मृतकों के शव

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फोटो नंबर-49 से 51
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पुलिस ने पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंपे तीनों मृतकों के शव
- सोमवार देर रात्रि जीटी रोड पर गाय से टकराने से सड़क हादसे में मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जीटी रोड पर गांव उमरी के पास सोमवार देर रात हुई सड़क दुर्घटना में अकाल मृत्यु का शिकार बने तीनों मृतकों के शव का पोस्टमार्टम हुुआ। पुलिस ने जरूरी कार्यवाही पूर्ण करके तीनों व्यक्तियों के शव मंगलवार सुबह परिजनों को सौंप दिए। मृतकों के परिजन सुबह एलएनजेपी अस्पताल में पहुंच गए थे। सड़क दुर्घटना में मारे गए आढ़ती गौतम गर्ग के संबंध में जानकारी मिलने पर गुरुग्राम के एसपी सुमित कुमार भी मोर्चरी हाउस पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। जानकारी के अनुसार कार चालक गौतम गर्ग (39) अपने दोस्त अमित गुलाटी (गुल्लू) के सथ सोमवार देर रात करनाल से अंबाला जा रहे थे। इस दौरान करनाल के गांव काछवा वासी डंपर चालक शेर सिंह (51) भी घरौंडा वासी साले मेहर सिंह के साथ पानीपत से डंपर में कोयला लेकर लालड़ू जा रहे थे। इसके अलावा उत्तराखंड के जिला उत्तरकाशी के गांव चौबदाली वासी ट्रक चालक राजबीर (25) भी डेराबस्सी से शराब लेकर दिल्ली जा रहे थे। गांव उमरी के पास पहुंचते ही जीटी रोड पर ट्रक के आगे अचानक गोवंश आ गया, जिसे बचाने के चक्कर में बड़ा हादसा हुआ और एक के बाद एक गाड़ियां भिड़ने से उक्त तीनों व्यक्तियों की मौत हो गई। हादसा इतना भयंकर था कि कार चालक गौतम गर्ग, डंपर चालक शेर सिंह और ट्रक चालक राजबीर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गौतम के साथी अमित गुलाटी और डंपर चालक का रिश्तेदार मेहर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हादसे में घायल व्यक्ति शहर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पुलिस ने मंगलवार को सुबह तीनों शवों का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है।
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राजबीर की बीस दिन पहले जन्मी थी बेटी
राजबीर के जीजा सुभाष ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से डेराबस्सी में दा मुबारकपुर बस्सी ट्रक ऑपरेटर यूनियन के मालिक सुरजीत सिंह का ट्रक चलाता था। राजबीर की दो साल पहले ही शादी हुई थी और 20 दिन पहले ही उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया है। डंपर चालक शेर सिंह के भाई शमशेर सिंह और बलवान सिंह ने बताया कि उसके भाई ने ही सभी को चालक बनने की ट्रेनिंग दी। वह उन सभी के उस्ताद थे। पिछले दो वर्षों से उसके साले मेहर सिंह को ड्राइवरी सिखा रहे थे। कई माह से शेर सिंह कम ही ट्रक चलाता था। सोमवार देर रात नेशनल हाईवे पर जाम लगने के चलते वे शेर सिंह से महज आठ गाड़ियों की दूरी पर जाम में फंसे हुए थे। कुछ पल पहले ही शेर सिंह जाम से आगे निकले थे, लेकिन उनको क्या पता था कि उसकी मौत आगे बुला रही है।
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