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दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए रवि उर्फ गोरखा को उतारा था मौत के घाट

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दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए रवि उर्फ गोरखा को दो पिस्तौल व दो देसी कट्टों के साथ अंधाधुंध फायरिंग कर मौत के घाट उतारा गया था। वारदात को अंजाम देने के लिए हथियारों के साथ हायर किए गए यूपी से दो शूटर 20 दिन पहले ही यहां पहुंच गए थे, जिनके साथ मिलकर दो 9 एमएम की पिस्तौल व दो 315 बोर के देसी कट्टों के साथ रवि पर गोलियां बरसाई गई। पुलिस ने 48 घंटे में वारदात का खुलासा करते हुए पांच आरोपी सौरभ पुत्र अनिल, राहुल पुत्र जगदीश, आशीष उर्फ रमन पुत्र करण सिंह वासी अमीन, यूपी के शूटर संदीप उर्फ संजीव पुत्र राकेश सिंह व राजू उर्फ संजय पुत्र नंद किशोर वासी दाहोड थाना खतोली जिला मुजफ्फरनगर उत्तरप्रदेश को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से वारदात में प्रयोग की गई कार, हथियार, मोटर साइकिल तथा मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए गए है। आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से आगामी जांच के लिए उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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मामले का खुलासा करते हुए शनिवार को प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आया कि 2018 में आरोपी सौरभ वासी अमीन के पिता पर रवि उर्फ गोरखा ने जानलेवा हमला किया था। आरोपी सौरभ मृतक अंकुश का दोस्त था। रवि उर्फ गोरखा ने अंकुश की हत्या कर दी थी। उसी बात को लेकर इनकी आपस में रंजिश चल रही थी। उस समय रवि इन मामलों में जेल में चला गया था, जिससे उनका बदला अधूरा रह गया था। दिनांक 12 जनवरी 2020 को जब रवि जमानत पर कुरुक्षेत्र जेल से बाहर आया तो बदला लेने की नीयत से सौरभ, राहुल व आशीष ने योजना बनाई। उन्होंने यूपी में अपने किसी मित्र से संपर्क कर हथियार खरीदे और वहीं के दो शूटर को रवि की हत्या करने के लिए हायर किया। यूपी के दो शूटर राजू व संदीप वारदात को अंजाम देने से 20 दिन पहले ही यहां पहुंच गए थे। 3 फरवरी वारदात के दिन योजनाबद्ध तरीके से आरोपी सौरभ ने अपनी रिट्ज कार पर जाली नंबर प्लेट लगाई। आशीष उर्फ रमन पुत्र करण सिंह वासी अमीन को रवि की रेकी करने का काम दिया। आशीष अपनी मोटर साइकिल सप्लेंडर पर रवि की कार का पीछा कर रहा था तथा उनको उसकी सूचना दे रहा था। मौका पाते ही सलारपुर रोड पर रवि पर फायरिंग कर उसे मौत के घाट उतार दिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार कई जगह रेड की। शनिवार को एंटी नारकोटिक सैल की टीम ने गुप्त सुचना के आधार पर आरोपियों को समानी पुल से थोडा पहले जीटी रोड पर कार सहित काबू कर लिया। आरोपियों को अदालत में पेश कर आगामी जांच के लिए चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
एसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसमें सौरभ के विरुद्ध वर्ष 2018 में असला अधिनियम के तहत केयूके थाना में दो मामले दर्ज हैं। शूटर संदीप के खिलाफ थाना मंडी मुजफ्फरनगर में वर्ष 2006 में हत्या का मामला दर्ज है। आरोपी संदीप उर्फ संजीव के खिलाफ हत्या व असला अधिनियम के चार मामले दर्ज हैं। आरोपी राजू उर्फ संजय के विरुद्ध थाना खतौली में वर्ष 2016 में हत्या का मामला दर्ज है। वहीं मृतक रवि के खिलाफ भी 10 से ज्यादा मामले दर्ज थे।
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हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने वाले पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को दिए प्रशंसा पत्र
एंटीनारकोटिक सैल के प्रभारी निरीक्षक मनदीप सिंह, उप निरीक्षक बलजीत सिंह, सहायक उपनिरीक्षक राजेश कुमार, हवलदार प्रवीन कुमार, अरविंद, मेनपाल, सिपाही-1 सतीश कुमार, सिपाही संजीव कुमार, राजेश कुमार, जितेंद्र व चालक हवलदार विक्रम सिंह की टीम द्वारा 48 घंटे में हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने पर एसपी ने नकद इनाम व प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
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