फैक्टरी में मिलावटी शराब बनाकर सप्लाई करने के मामले में पुलिस ने मोस्ट वांटेड इनामी आरोपी को दबोच लिया है। पुलिस ने आरोपी संजय वासी राजनगर पानीपत को जेल भेज दिया है। पुलिस उप-अधीक्षक सुभाष चंद्र ने बताया कि 22 मार्च को सीआईए-2 की टीम को गुप्त सूचना मिली कि संजय अपने साथियों के साथ मिलकर साहा में मिलावटी शराब तैयार करके करनाल और पानीपत में सप्लाई करता है। आज भी उसने नकली शराब टाटा ऐस (छोटा हाथी) में लोड करके साहा अंबाला से करनाल और पानीपत में सप्लाई के लिए भेजी है। सूचना पर पुलिस ने साहा मोड़ शाहाबाद के पास नाकाबंदी करके एक टाटा ऐस को रोककर चालक सचिन उर्फ गोलू और उसके साथ बैठे सुनील वासी गांव बड़ौता (सोनीपत) से पूछताछ की तथा गाड़ी की तलाशी ली थी।
गाड़ी पर कोई नंबर प्लेट नहीं लगी हुई थी। गाड़ी तलाशी लेने पर पुलिस को गाड़ी के केबिन से दो नंबर प्लेट और 56 पेटी देसी शराब बरामद हुई थी। मौके पर दोनों आरोपी पकड़ी गई शराब का कोई भी लाइसेंस और परमिट पेश नहीं सके थे। पूछताछ में कबूला कि संजय अपने कई साथियों के साथ मिलकर साहा स्थित एक कोठी में मिलावटी शराब बनाकर करनाल और पानीपत में सप्लाई करता है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर साहा में चल रही मिलावटी शराब की फैक्टरी पर छापेमारी करके देसी और अंग्रेजी मिलावटी शराब, खाली बोतल, बैच नंबर स्टांप, ढक्कन टाइट करने वाली मशीन, लेबल मार्का शराब सहित काफी सामान बरामद किया था।
पूछताछ में पर यह भी सामने आया कि जसबीर उर्फ जस्सु वासी डाहर पानीपत भी संजय के साथ मिलकर काम करता है। मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने जसबीर, संदीप उर्फ मोनू, विनोद उर्फ बोदा वासी डाहर, संजय त्यागी वासी माछरा (मेरठ), मंटू उर्फ मोंटू वासी घुमई (यूपी), पीयूष राय वासी लुधियाना, संजय वासी गंजेड़ी (यूपी), संदीप उर्फ दीप्पा वासी खरल (जींद) और प्रदीप वासी हात (जींद) को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस मुख्य आरोपी संजय की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। 11 जून को पुलिस ने इनामी आरोपी संजय को गिरफ्तार करके अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया है।