डेढ़ साल पहले गांव चढ़ुनी में अपने माता पिता की हत्या करने के मामले में आरोपी युवक को अदालत ने दोषी करार देते हुए ताउम्र कैद की सजा सुनाई है। शुक्रवार को ये फैसला जिला कुरुक्षेत्र के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लाल चंद ने सुनाया। ये जानकारी जिला उप न्यायवादी गोपाल कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि सुखराम पुत्र जसवंत सिंह वासी चढूनी जट्टान ने थाना शाहाबाद में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार वह तीन भाई थे, शिकायतकर्ता और उसके बड़े भाई श्योराम की कोठी गांव चढूनी जट्टान में साथ साथ है। उसके बड़े भाई श्योराम ने करीब चार साल पहले खेती की जमीन बेच कर गांव में दूध की डेयरी लगाई थी। उसका भतीजा विशाल पुत्र श्योराम इस कामकाज में अपने पिता को कोई सहयोग नहीं करता था। इससे बड़े भाई श्योराम व उसके भतीजे विशाल में अकसर कहासुनी और विवाद होता था। बताया गया है कि उक्त घटना से कुछ दिन पहले श्योराम का पुत्र विशाल कहीं बाहर चला गया था,लेकिन कुछ दिन बाद घर आकर उसका लड़ाई झगड़ा जारी रहा और घटना वाले दिन 21 जून 2018 की शाम साढ़े पांच बजे घर में बैठा था। उसके बड़े भाई श्योराम के घर से लड़ाई का शोरगुल सुनाई दिया था। वह शोर सुनकर अपने बड़े भाई के घर गया। उसने देखा उसका भतीजा विशाल अपने पिता को लाठीनुमा डंडे से मार रहा था। उसने अपने भाई को बचाने के लिए शोर मचाया। इसी दौरान रक्षपाल पुत्र गुरनाम गांव चढुनी जट्टान गली से गुजर रहा था। शोरगुल सुनकर वह उसके बड़े भाई के घर आ गया था। उनके देखते देखते उसने अपने पिता श्योराम के सिर में मार रहा था तथा नीचे गिरे अपने पिता को छाती पर लातों से मारा। उन्होंने अपने भाई को छुड़ाने की काफी कोशिश की, लेकिन उसका भतीजा अपने हाथ में पकड़े हुई लाठी से लगातार वार करता रहा। इसके बाद विशाल अपने हथियार सहित मौके से फरार हो गया। उसने और रक्षपाल ने उसके भतीजे को पकड़ने की कोशिश की थी,मगर वह वहां से भाग कर पशुओं के बने बाड़े में जा पहुंचा और वहां जाकर विशाल ने अपनी मां सोना उर्फ स्वर्णजीत कौर जो भैसों का दूध निकाल रही थी,उसकी भी फावड़े के प्रहार से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देते समय विशाल ने अपनी मां के चेहरे और छाती पर ताबड़तोड़ प्रहार किये थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक विशाल अपनी मां स्वर्णजीत कौर की भी हत्या करके घटनास्थल से फरार हो गया था। पुलिस ने उक्त डबल मर्डर केस में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु की थी। पुलिस ने टीम ने आरोपी को तलाश कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जिसकी नियमित सुनवाई करते हुए जिला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लालचंद ने गवाहों तथा सबूतों के आधार पर विशाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 10 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई है।