बिजली निगम के कर्मियों को दिसंबर की सैलरी के लाले पड़ सकते हैं। इतना ही नहीं माह के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को भी खाली हाथ विदाई लेनी पड़ सकती है। कर्मियों को ऐसी स्थिति का सामना जिले की अदालत द्वारा मामले की सुनवाई करते हुए दिए आदेश के चलते करना पड़ सकता है। अदालत ने निगम का संबंधित बैंक खाता सील करने के आदेश दिए हैं, जिसके चलते निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक शाहाबाद क्षेत्र निवासी निगम के एक सेवानिवृत्त कर्मी ने निगम के खिलाफ एसीपी के मामले को लेकर केस दायर किया था। बताया जा रहा है कि मामले में अदालत ने निगम को कर्मी के हक में निर्णय देते हुए आवश्यक आदेश भी थे। इस पर जब निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की तो याचिकाकर्ता ने उक्त अदालत से ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने निगम की खामी मानते हुए अगले आदेशों तक बैंक खाता सीज करने के आदेश जारी कर दिए। अदालत के इन आदेशों के चलते एसबीआई में निगम के संबंधित एरिया के इस बैंक खाते से एक पैसा भी नहीं निकाला जा सकेगा हालांकि इसमें राशि अवश्य जमा करवाई जा सकती है। अदालत के फैसले से अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों के माथे पर भी चिंता दिखाई पड़ रही है।
कर्मचारियों में सैलरी को लेकर हो रही चर्चा : चौहान
बिजली निगम कर्मचारी कुरुक्षेत्र यूनिट के प्रधान कृष्ण चौहान का कहना है कि अदालत के आदेशों के बाद अब कर्मचारियों में सैलरी मिलने को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। ऐसे हालात में निगम के अधिकारी क्या कदम उठाएंगे, इस पर भी कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई है।