जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने हत्या करने के आरोप में पिहोवा के गांव अरनेचा निवासी धनपत पुत्र कुंदन को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जिला न्यायवादी राजबीर सिंह ने बताया कि 15 सितंबर 2018 को सोनू पुत्र मामु राम वासी गांव अरनेचा थाना पिहोवा ने पुलिस को दिये अपने बयान में बताया था कि वह मजदूरी करता है और उसका चाचा धनपत सिंह जो शराब पीने का आदि है और अकसर शराब पीकर लड़ाई झगड़ा करता रहता है। 12 सितंबर 2018 को सुबह उसके भाई संदीप व उसके चाचा धनपत पुत्र कुंदनराम में कहासुनी हो गई थी।
उसका भाई संदीप उसके चाचा धनपत के घर गया हुआ था। उसी समय उसके चाचा ने दिन वाली बात को लेकर उसके भाई संदीप के साथ झगड़ा करना शुरू कर दिया था, जिसका शोर सुनकर वह भी अपने चाचा धनपत के घर चला गया था। धनपत सिंह ने उसी झगड़े को लेकर अपने घर में पड़ा डंडा उठाकर उसके भाई संदीप के सिर मे मारा। इसी बीच संदीप जमीन पर गिर गया। उसके सिर से खून निकलने लगा। उसने बीच बचाव करने की काफी कोशिश की, लेकिन धनपत उसके भाई संदीप के सिर में डंडे मारता रहा, जिससे उसका भाई बेहोश हो होकर गिर गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसके भाई को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया था। जहां संदीप ने 24 सितंबर को दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 9 मई 2019 को कोर्ट में पेश कर दिया था। कुरुक्षेत्र के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शारदा की अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए आरोपी को हत्या न करने की नीयत से मारी गई चोटों से हुई हत्या का दोषी करार देते हुए दोषी को 10 साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने की सूरत में एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।