कोरोना संक्रमण लगातार पांव पसार रहा है। इन गंभीर परिस्थितियों के बीच एक सुकून देने वाली खबर आई है। शुक्रवार को कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में एक कोरोना पॉजिटिव गर्भवती ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। खास बात यह है कि गर्भवती की सामान्य डिलीवरी हुई है और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। एक ओर मां व शिशु ने परिस्थितियों का डटकर सामना किया तो वहीं दूसरी ओर अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने भी साहस दिखाया। पीपीई किट पहनकर सुबह साढ़े छह बजे सामान्य डिलीवरी कराई। सुबह-सुबह जब बच्ची की मधुर किलकारी अस्पताल में गूंजी जो सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ सबके चेहरे खिल उठे।
शाहाबाद के माजरी मोहल्ला वासी नौ माह की गर्भवती अर्शजोत (20) कोरोना संक्रमित थी, जिसके प्रसव की घड़ी नजदीक आने पर वीरवार रात्रि परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद लेकर गए। वहां से रात को ही केस लोकनायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल (एलएनजेपी) कुरुक्षेत्र रेफर कर दिया गया। सुबह छह बजे गर्भवती को प्रसव पीड़ा होने लगी तो नर्सिंग अधिकारी सरगम ने हेल्पर की मदद से डिलीवरी कराई। गर्भवती ने बच्ची को जन्म दिया, जिसका वजन साढ़े तीन किलो है। मां कोरोना पॉजिटिव होने के कारण फिलहाल बच्चे को दूर रखा गया है।
चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल बच्चे की देखभाल की जा रही है। ताकि वे संक्रमण से दूर रहे। हालांकि प्रसूति विभाग में कोरोना पॉजिटिव की डिलीवरी से अन्य दाखिल गर्भवतियों में हड़कंप मच गया। ऐसे में कुछ के परिजनों ने तो उन्हें डिस्चार्ज तक करा लिया। नर्सिंग अधिकारी सरगम ने बताया कि शिशु की मधुर किलकारी के अस्पताल भवन व परिसर में खुशियां बिखर गई। खास बात यह है कि दोनों की स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है।
पहले भी हो चुकी दो पॉजिटिव गर्भवती की डिलीवरी
इससे पहले 30 अप्रैल पिहोवा के गांव थाना वासी मनीषा पत्नी सुनील की एलएनजेपी अस्पताल में नर्सिंग अधिकारी पूजा शर्मा ने डिलीवरी कराई थी। मनीषा ने बच्ची ने जन्म दिया था। दोनों का स्वास्थ्य ठीक होने पर दो दिन बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं उससे पिछले माह इस्माईलाबाद के गांव लखमड़ी वासी गर्भवती ममता पत्नी संदीप पीएचसी डीग से रेफर होकर एलएनजेपी अस्पताल आई थी। ममता ने पुत्र को जन्म दिया था, जिसका वजन 2.7 केजी था। यह डिलीवरी नर्सिंग अधिकारी सोनिया शर्मा ने कराई थी।
निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर दिया था जन्म
चार मई को शहर के एक निजी अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव भगवानपुर वासी जसलीन कौर की तीसरी डिलीवरी होनी थी। पति के अनुसार उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और हालत काफी नाजुक थी। ऐसे में चिकित्सकों द्वारा गर्भवती को वेंटिलेटर पर रखा गया और उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों को वेंटिलेटर पर लगाया था, जिसके चार दिन बाद मासूम को वेंटिलेटर से हटा दिया गया। अब मां बेटी दोनों ठीक हैं।