जिला स्वास्थ्य विभाग की धीमी रफ्तार जनमानस पर कहीं भारी न पड़ जाए, यह चिंता का विषय है। कोरोना काल में अब तक जिला स्वास्थ्य विभाग अब तक मात्र 25 हजार 837 सैंपल एकत्रित का पाया है, जबकि दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले कुरुक्षेत्र में सैंपलिंग करना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती है। अगर स्वास्थ्य विभाग की ऐसी ही चाल रही तो पूरी आबादी के सैंपल लेने में काफी समय लग से अधिक का समय लग सकता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिये गए 25 हजार 837 सैंपल में से अब तक 24 हजार 487 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। इस महामारी से उबरने के लिए सरकार रोजाना ज्यादा से ज्यादा टेस्ट करने पर जोर दे रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में रोजाना 350 से 500 के करीब सैंपल हो रहे हैं। बुधवार को जिले में पांच पुलिस कर्मियों सहित 33 मरीज कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आया है, जबकि 37 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है।
जिला सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह ने कहा कि कुरुक्षेत्र में कोरोना वायरस से संक्रमित अब तक 490 मरीज ठीक होकर घर लौट गए है। कुरुक्षेत्र में अलग-अलग जगहों से कोरोना वायरस से संक्रमित 33 नए केस सामनें आएं है, जिनमें गांव शाहपुर से 35 वर्षीय व्यक्ति, पुलिस लाईन से 42 वर्षीय व्यक्ति, बराडा शाहबाद से 33 वर्षीय व्यक्ति, पुलिस स्टेशन शाहबाद से 33 वर्षीय व्यक्ति, शाहबाद से 30 वर्षीय व्यक्ति, 24 वर्षीय व्यक्ति, शांति नगर कुरडी से 24 वर्षीय व्यक्ति, ज्योति नगर से 35 वर्षीय महिला, मोहन नगर से 43 वर्षीय व्यक्ति, किशन पुरा से 45 वर्षीय व्यक्ति, गांव ठोल से 10 वर्षीय बच्चा, 35 वर्षीय महिला, 7 वर्षीय बच्ची,गांव बरथला से 53 वर्षीय व्यक्ति, कठार मोहल्ला से 40 वर्षीय महिला, 19 वर्षीय युवक, गांव झांसा से 16 वर्षीय युवक, पिहोवा से 28 वर्षीय व्यक्ति, गांव फूलगढ़ से 35 वर्षीय व्यक्ति, गांव थाना से 57 वर्षीय व्यक्ति, 29 वर्षीय महिला, 32 वर्षीय व्यक्ति, ब्रह्ममण माजरा से 55 वर्षीय व्यक्ति, गांव उमरी से 40 वर्षीय व्यक्ति, सेक्टर 13 से 50 वर्षीय व्यक्ति, विकास नगर लाडवा से 32 वर्षीय व्यक्ति, मॉडल टाउन पिहोवा से 64 वर्षीय व्यक्ति, सेक्टर 13 से 43 वर्षीय महिला, मिल्क फूड कालोनी पिहोवा से 62 वर्षीय व्यक्ति, सेक्टर 13 से 7 वर्षीय बच्चा, 3 वर्षीय बच्ची, 22 वर्षीय युवती, 28 वर्षीय महिला शामिल है।
इन मरीजों को किया डिस्चार्ज
कुरुक्षेत्र जिला से 37 मरीजों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है, जिनमें सेक्टर 5 से 68 वर्षीय व्यक्ति, सेक्टर 4 से 65 वर्षीय महिला, 53 वर्षीय व्यक्ति, पिहोवा माडल टाउन से 24 वर्षीय महिला, सेक्टर 5 से 38 वर्षीय व्यक्ति, झांसा से 55 वर्षीय व्यक्ति, दुनिया माजरा से 29 वर्षीय व्यक्ति, शंाति नगर से 58 वर्षीय महिला, कठार मोहल्ला शाहबाद से 24 वर्षीय युवती, शाहबाद से 32 वर्षीय व्यक्ति, 32 वर्षीय महिला, 25 वर्षीय व्यक्ति, पिहोवा शिव मंदिर के पास से 13 वर्षीय युवक, 32 वर्षीय महिला, सेक्टर 7 से 53 वर्षीय महिला, मोहन नगर से 21 वर्षीय व्यक्ति, न्यू कालोनी से 43वर्षीय महिला और 42 वर्षीय महिला, लाडवा के वार्ड 12 से 40 वर्षीय व्यक्ति, 12 वर्षीय युवक, 31 वर्षीय महिला, गांव बारवा से 31 वर्षीय व्यक्ति, शाहबाद से 35 वर्षीय महिला, 52 वर्षीय महिला, 62 वर्षीय व्यक्ति, 6 वर्षीय बच्चा, जंदहेडी से 38 वर्षीय व्यक्ति, पिहोवा से 20 वर्षीय युवती, लाडवा वार्ड 6 से 2 वर्षीय बच्ची, बिशनगढ से 23 वर्षीय युवती, दयालपुर से 36 वर्षीय व्यक्ति, भीम कालोनी से 55 वर्षीय महिला, न्यू कालोनी से 59 वर्षीय महिला, सेक्टर 13 से 39 वर्षीय व्यक्ति, शाहबाद से 27 वर्षीय व्यक्ति शामिल है।
कुरुक्षेत्र जिले में दिसम्बर माह से लेकर अब तक कुल 2913 लोग आए है, इनमें से 2349 लोग स्वास्थ्य विभाग की एडवाईजरी के अनुसार 28 दिन का समय चक्र पूरा कर चुके है और 497 व्यक्तियों को होम क्वारंटीन किया गया है तथा 67 को होटल में क्वारंटीन किया गया है। सीएमओ ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए इस जिले से अब तक 25837 में से 24487 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। इस जिले में अब तक 802 पॉजिटिव केस सामने आ चुके है। इनमें से 490 सैंपलों की रिपोर्ट जो पॉजिटिव थी वह सभी 490 मरीज ठीक होकर घर जा चुके है और 12 कोरोना पाजिटिव मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। कुरुक्षेत्र में कोरोना वायरस के 300 एक्टिव केस है।
रैपिड टेस्ट
1 अगस्त को आरटी-पीसीआर 324, रेपिड-52
2 अगस्त को आरटी-पीसीआर 242, रेपिड-16
3 अगस्त को आरटी-पीसीआर 154, रेपिड-08
4 अगस्त को आरटी-पीसीआर 320, रेपिड-87
5 अगस्त को आरटीपीसीआर 382, रेपिड-54
6 अगस्त को आरटीपीसीआर 335, रेपिड-116
7 अगस्त को आरटीपीसीआर 463, रेपिड-154
8 अगस्त को आरटीपीसीआर 375, रेपिड-103
10 अगस्त को आरटीपीसीआर 470, रेपिड-80।
कैसे होती है कोरोना की जांच
पैथोलॉजिस्ट डा. विनोद तंवर ने बताया कि नाक और गले के पिछले हिस्से दो ऐसी जगहें हैं जहां वायरस के मौजूद होने की संभावना ज्यादा होती हैं। स्वैब के जरिए इन्हीं कोशिकाओं को उठाया जाता है। स्वैब को ऐसे सॉल्यूशन में डाला जाता है जिनसे कोशिकाएं रिलीज होती हैं। स्वैब टेस्ट का इस्तेमाल सैंपल में मिले जेनेटिक मैटेरियल को कोरोना वायरस के जेनेटिक कोड से मिलाने में किया जाता है। बताया कि अब जिले में अलग-अलग जगह रेपिड टैस्ट किये जा रहे हैं। इस तकनीक में मरीज की नाक की दोनों तरफ से फ्लूइड का सैंपल लिया जाता है। फिर उसको पास ही मौजूद लेबोरेटरी के अंदर टेस्ट किया जाता है। अगर टेस्टिंग स्ट्रिप पर एक लाइन आती है तो इसका मतलब नेगेटिव होता है, लेकिन उसको पुख्ता तौर पर नेगेटिव नहीं माना जा सकता और कन्फर्म करने के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी होता है। अगर दो लाल लकीर दिखाई देती हैं तो इसका मतलब मरीज कोरोना पॉजिटिव है, जिसको पुख्ता तौर पर पॉजिटिव मान लिया जाएगा, लेकिन अगर कोई लकीर नहीं देखती तो इसका मतलब टेस्ट बेनतीजा है। इस तकनीक में टेस्ट का नतीजा 15 से 30 मिनट के अंदर आ जाता है।