कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कार बुकिंग के बाद समय पर डिलीवरी न देने के मामले में मारुति कंपनी और करनाल मोर्ट्स डीलर को संयुक्त रूप से 1.60 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला पिहोवा के मॉडल टाउन निवासी नरेश कुमार की शिकायत पर सुनाया गया।
नरेश कुमार ने 20 अगस्त 2021 को मारुति स्विफ्ट डिजायर कार की बुकिंग कराई थी और पांच हजार रुपये एडवांस जमा किए थे। डीलर ने आठ से 10 सप्ताह में डिलीवरी का वादा किया था लेकिन समय बीतने के बावजूद न तो गाड़ी मिली और न ही बुकिंग राशि वापस की गई।
आयोग में डीलर और कंपनी ने कोरोना महामारी के कारण उत्पादन प्रभावित होने का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि हालात सामान्य होने पर ग्राहक को सूचित किया गया लेकिन उन्होंने दूसरी कार खरीद ली। वहीं शिकायतकर्ता के वकील ने आरोप लगाया कि कोरोना काल में अन्य ग्राहकों से अतिरिक्त राशि लेकर डिलीवरी दी जा रही थी।
नरेश कुमार ने बताया कि उनके पैर में पोलियो के कारण 70 प्रतिशत दिव्यांगता है जिसके आधार पर उन्हें 18 प्रतिशत जीएसटी छूट लगभग 1.44 लाख रुपये का प्रमाणपत्र मिला था लेकिन गाड़ी न मिलने से यह लाभ व्यर्थ हो गया। उन्होंने एक साल इंतजार किया फिर मजबूरी में सेकेंड-हैंड कार 6.23 लाख रुपये में खरीदी जिससे आर्थिक नुकसान हुआ।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. नीलिमा सांगला की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कंपनी और डीलर की सेवा में कमी मानी। आयोग ने 45 दिनों के अंदर 1.60 लाख रुपये देने के आदेश दिए जिसमें 1.44 लाख रुपये जीएसटी छूट का नुकसान और पांच हजार रुपये बुकिंग राशि और 11 हजार रुपये मुकदमे के खर्च व हर्जाना शामिल हैं।