कुरुक्षेत्र। नियंत्रित क्षेत्र में बिना सीएलयू और लाइसेंस के किसी भी प्रकार का निर्माण, प्लॉटिंग या कॉलोनी काटना अपराध है। ऐसा करने पर कैद और जुर्माने का प्रावधान है। अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। जिले में किसी भी सूरत में अवैध कॉलोनी पनपने नहीं दी जाएगी। डीटीपी विंग, पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त टीमें बनाकर फील्ड में विजिट करें। ऐसी अनधिकृत कॉलोनियों में रजिस्ट्री न की जाए।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने यह निर्देश दिए। वे शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला नगर एवं ग्राम योजना विभाग की जिला टास्क फोर्स बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में दिसंबर से जून महीने तक की कार्रवाई व आगामी योजना को लेकर समीक्षा की गई। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि दिसंबर 2025 से जून 2026 तक पिछले सात महीने में दो लाख 47 हजार 640 रुपए की रिकवरी भी की गई है, इनमें जनवरी में एक लाख 17 हजार 965 रुपये, फरवरी में 59 हजार 975 रुपये, मार्च में 14 हजार 957 रुपये, अप्रैल में 54 हजार 743 रुपए की रिकवरी की गई।
22 जगहों पर निर्माण के चलते थमाए गए नोटिस
पिछले सात महीने में 22 कॉलोनियों, ढाबों व अन्य जगहों को चिन्हित किया गया है। सभी 22 जगहों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, इनमें से 17 को स्थिति पहले जैसी करने और 10 के खिलाफ केस दर्ज करवाने के लिए पुलिस विभाग को लिखा गया। इसके अलावा इसी अवधि में 40 जगहों पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का शेड्यूल तय किया गया, इनमें से 31 जगहों पर लगभग 206 एकड़ पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया।