कृषि कानून व महंगाई के विरोध में कांग्रेस द्वारा बुधवार को लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पूर्व मंत्री, स्पीकर व विधायक कार्यकर्ताओं के साथ राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए अधिकारियों का इंतजार करते रहे। एक घंटा बीत जाने पर भी जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा, तो कांग्रेसियों सब्र का बांध टूट गया। नारेबाजी करते हुए वे लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर धरना दे दिया।
इस दौरान कांग्रेसियों ने चेतावनी भी दी कि यदि 10 मिनट में कोई अधिकारी नहीं आया तो वह मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर देंगे। इस चेतावनी के बाद अधिकारी हरकत में आए और जिला परिषद के सीईओ ने मौके पर पहुंच कांग्रेसियों से ज्ञापन लिया, तब जाकर धरना समाप्त हुआ। इस अवसर पर बोलते हुए पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि उनके लंबे राजनीतिक जीवन में यह पहला मौका है जब प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेने के लिए कोई अधिकारी मौजूद नहीं है। भाजपा सरकार में अफसरशाही हावी है सरकार का प्रशासन पर कोई अंकुश नहीं है। अधिकारी जब नेताओं की बात नहीं सुनते तो आमजन की क्या सुनते होंगें।
जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर मांग की गई कि वे अपना हस्तक्षेप कर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवाएं और फसलों पर एमएसपी का कानून बनाकर खरीद सुनिश्चित करवाएं। इसके साथ-साथ पैट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम घटवाने का निर्देश देकर कुछ हद तक महंगाई कम करवाने में सहयोग करें। अरोड़ा ने कहा कि आज देश का अन्नदाता सड़कों पर है, लेकिन सरकार पर कोई असर नहीं है।
ठिठुरती ठंड में किसान महिलाएं और बच्चे सड़कों पर संघर्ष करते रहे, लेकिन सरकार अपनी जिद्द पर अड़ी हुई है। देश का अन्नदाता अपनी भूमि बचाने के लिए आंदोलनरत है। आज डीजल, पैट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण कृषि की लागत बढ़ गई है। इससे खेती घाटे का सौदा बनकर रह गई है। अरोड़ा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल का भाव काफी कम होने के बावजूद पैट्रोलियम उत्पादों में वृद्धि हो गई है। जिस कारण महंगाई बढ़ने से इसका प्रभाव आमजन पर पड़ रहा है।
उनके अनुसार प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस की ओर से जिला प्रभारी नियुक्त किए गए। विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर अकरम खान, लाडवा के विधायक मेवा सिंह, मनदीप चट्ठा, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन जलेश शर्मा, प्रदेश कांग्रेस के संगठन सचिव सुभाष पाली, मेहर सिंह रामगढ, पूर्व पार्षद नरेंद्र शर्मा निंदी, युवा कांग्रेसी नेता सुल्तान ब्राह्मण माजरा, सुरेंद्र सैनी, सुधीर चुघ, कांग्रेसी नेता जगदीश राठी, पूर्व पार्षद मन्नू जैन, ओमप्रकाश ओपी, बिमला सरोहा, निशी गुप्ता, पवन चौधरी, पृथ्वी सिंह तुर्क, श्री प्रकाश मिश्रा, सत्य शर्मा सहित अनेक कांग्रेसी शामिल हुए।