कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव कॉन्फ्लुएंस-25 का आयोजन किया गया। इसका समापन रविवार को हुआ। यह कार्यक्रम रचनात्मकता, संगीत, कला और रोमांच से भरा रहा। छात्र अपनी प्रतिभा और ऊर्जा के साथ अलग-अलग मंचों पर छाए रहे। सुबह से लेकर देर शाम तक चले आयोजनों ने छात्र जीवन की रौनक और रचनात्मकता को नई ऊंचाई दी।
जुबली हॉल में आयोजित एकल व युगल गायन और वाद्य यंत्र वादन प्रतियोगिता हुई। सुरों और ताल की संगति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने ओजस्वी और हास्य से भरी रचनाओं से खूब तालियां बटोरीं। दोपहर में अभिव्यक्ति प्रतियोगिता और शाम को मुक्त मंच (ओपन माइक) आयोजित हुआ जिसमें छात्रों ने कविता, कहानी, नाटक और हास्य अभिनय के जरिये अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया।
खेल प्रेमियों के लिए गली फुटबॉल का रोमांच देखने को मिला। वहीं जीओटी और सिविलाथॉन जैसी प्रतियोगिताओं ने प्रतिभागियों की रणनीति और टीम भावना को परखा। अधिकारी (इंटरव्यू सत्र) ने छात्रों को व्यक्तित्व निखारने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर दिया। शाम को ओपन एयर थिएटर में रैंप बैटल और बैटल ऑफ बैंड्स ने जमकर माहौल गरमाया। सीनेट हॉल में आयोजित मंथन, अक्षर, कहानी गढ़ो, व्यय प्रबंधन और भारत को जानो प्रश्नोत्तरी जैसी बौद्धिक प्रतियोगिताओं ने छात्रों की समझ और रचनात्मक सोच का परीक्षण किया। साथ ही रचनात्मक लेखन, छिपी कला, चलचित्र संसार, परिधान संग्राम, स्वर-अभिनय, नुक्कड़ नाटक और लाइमलाइट जैसे कार्यक्रमों ने कला, फैशन और सामाजिक जागरूकता को मंच दिया।
संस्थान निदेशक प्रो. रमना रेड्डी ने बताया कि कॉन्फ्लुएंस केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं बल्कि ज्ञान, कला, नवाचार और व्यक्तित्व विकास का अद्भुत संगम है। छात्र जहां मनोरंजन से रूबरू हुए, वहीं सीख और आत्मविश्वास की नई ऊर्जा भी प्राप्त की।
कुरुक्षेत्र। नाटक की प्रस्तुति देते छात्र। संवाद
कुरुक्षेत्र। नाटक की प्रस्तुति देते छात्र। संवाद
कुरुक्षेत्र। नाटक की प्रस्तुति देते छात्र। संवाद