गांव गुहण में मंगलवार को बिजली के मीटर घरों से बाहर लगाने गए कर्मचारियों को बैरंग लौटना पड़ा। इस मौके पर गांव की महिलाओं ने बिजली कर्मचारियों का विरोध किया।
गांव की दर्जनभर महिलाओं का कहना था कि उनके गांव में पानी की निकासी, श्मशान घाट की खस्ता हालत के साथ कई समस्याएं हैं जिसे सरकार पहले प्राथमिकता के आधार पर हल करे, तभी ग्रामीण सरकार का सहयोग करेंगे। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक वे अपने घरों के मीटरों को बाहर नहीं लगने देंगी। बिजली विभाग ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना के तहत गांव के सभी मीटर बाहर लगाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक कर्मचारियों को बैरंग लौटना पड़ा है। सरकार ने बाबैन ब्लॉक में गांव गुहण को जगमग योजना के तहत गोद लिया हुआ है।
गौरतलब है कि कुछ माह पहले भी उपायुक्त ने गांव गुहण में लोगों को मीटरों को घरों से बाहर करने का आह्वान किया था, तब भी महिलाओं व ग्रामीणों ने इसका विरोध किया था। महिलाओं की मांग थी कि सबसे पहले गांव की जोहड़ के पानी की निकासी व गांव में अन्य विकास कार्य करवाए उसके बाद ही गांव में मीटर बाहर लगवाए जाएंगे।
विरोध के दौरान एक महिला को पड़ा दौरा
गांव गुहण में मीटर बाहर लगाने का विरोध कर रही महिलाओं में से एक को अचानक दौरा पड़ने के कारण वह गली में गिर ही गई। इस पर गांव की महिलाओं ने उठाने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक बिजली कर्मचारी यहां रहे तब तक इसे अस्पताल नहीं ले जाएंगे, चाहे यह मर क्यों न जाए।
फोर्स बुलाकर मीटर बाहर लगाए जाएंगे : एसडीओ
विभाग के एसडीओ भूपेंद्र सिंह का कहना है कि इस गांव के आंगनबाड़ी व सरकारी कर्मचारियों का मीटर बाहर निकाल दिया गया और जल्द ही पुलिस फोर्स बुलाकर गांव के सभी मीटर बाहर लगवाए जाएंगे।
होगी उचित कार्रवाई : मोर
खंड विकास पंचायत अधिकारी अंग्रेज सिंह मोर ने कहा कि जिन ग्रामीणों ने घर के बाहर लगे मीटर तोड़ने का प्रयास किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।