कुरुक्षेत्र। गीता स्थली ज्योतिसर तीर्थ पर मंगलवार को उस समय अध्यात्म व भक्ति की धारा बहने लगी जब भव्य हरिहर मिलन हुआ। भगवान शिव व भगवान श्रीकृष्ण के इस मिलन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा तो वहीं खुशी में फूलों की होली भी खेली गई। केडीबी की ओर से आयोजित धर्मनगरी के इस खास आयोजन में सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं भी शामिल रही। साध्वी मोक्षिता ने कहा कि यह उत्सव केवल आयोजन नहीं बल्कि हरि और हर की एकता का संदेश है, जहां भक्ति के रंग सभी भेद मिटाकर हृदयों को जोड़ते हैं।
इससे पहले पवित्र ब्रह्मसरोवर से दिव्य यात्रा मंगलवार सुबह 10 बजे शुरू हुई, जिसे पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने झंडी दिखाकर रवाना किया। भगवान शिवजी की पालकी के साथ भक्तों का विशाल जनसमूह ज्योतिसर तीर्थ पहुंचा, जहां सरपंच प्रवीण ने ग्रामवासियों सहित भगवान शिव का स्वागत किया। यहां भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण का दिव्य हरिहर मिलन हुआ। प्रसिद्ध गायक सीताराम ने अपनी भजन मंडली के साथ भक्तों को भक्ति रस में झूमने पर विवश कर दिया।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व दत्तात्रेय आश्रम की साध्वी मोक्षिता के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी ने कहा कि आज का समाज प्राचीन संस्कृति को भूलता जा रहा है, इसलिए यह सुंदर आयोजन कर परंपरा की स्थापना की गई है। क्योंकि आज तक रंगों की होली हम क्यों मनाते हैं यह हमें पता नहीं था। उन्होंने कहा कि आज के समाज को यह जानना अति आवश्यक है ताकि आगे सब बढ़-चढक़र इस कार्यक्रम में भाग ले और आने वाले वर्षों में यह कार्यक्रम और भव्य रूप से मनाया जाए।
इस अवसर पर गुरनाम सैनी, अलकेश मोदगिल, रोशन बेदी, हरमेश सैनी, डॉ. शुचि सुमिता, डॉ. स्वामी शंकर आनंद सरस्वती, स्वामी रवि भारती, स्वामी हरिनारायण गिरी, सहित अनेक भक्तगण उपस्थित रहे। संवाद