कुरुक्षेत्र। अखिल भारतीय श्री मारकंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जगन्नाथ पुरी अन्य संतों के साथ होलिका अष्टक से ही सर्वकल्याण की भावना से मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहे हैं। इस 12 दिवसीय यात्रा में उनके साथ महामंडलेश्वर स्वामी विद्या गिरी, महामंडलेश्वर कैलाश गिरी, महंत सर्वेश्वर गिरी, स्वामी सुरेश भारती, स्वामी लक्ष्य लखन पुरी, स्वामी लाघवेंद्र पुरी, स्वामी सीताराम, अमरदास, शिवाजी गिरी एवं सतबीर शामिल हैं।
इसी मां नर्मदा परिक्रमा के दौरान ही ओंकारेश्वर से अमरकंटक के बीच महंत जगन्नाथ पुरी ने होलिका अनुष्ठान पूजन भी किया। संतों के साथ महामृत्युंजय मंत्र जाप, विष्णु सहस्रनाम और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। महंत ने बताया कि उनकी अनुपस्थिति में श्री मारकंडेश्वर महादेव मंदिर ठसका मीरां जी में भी होलिका पूजन चल रहा है।
स्वामी रामनाथ पुरी द्वारा विशेष अनुष्ठान किया जा रहा है। इस अनुष्ठान की आठ मार्च को रंग पंचमी पर भगवान शिव व भगवान विष्णु के पूजन के साथ ही समाप्ति होगी। महंत ने बताया कि होली का पर्व उत्साह और रंगों का पर्व है, जो कि पारंपरिक तौर पर आठ दिन मनाया जाता है। होली के पांच दिन बाद रंग पंचमी उत्सव मनाते हैं। उन्होंने कहा कि रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने होली खेली थी। इस अवसर पर देवी-देवता पृथ्वी पर आए और इस पर्व का आनंद उठाया। संवाद