कुरुक्षेत्र। बच्चे की जांच करते शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल त्यागी। संवाद
- फोटो : samvad
कुरुक्षेत्र। जिले में 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली शीतलहर ने ठिठुरन बढ़ा दी है। दिनभर ठंडी हवाएं चलने से वातावरण में तीखी ठिठुरन बनी रही। घने बादलों और कोहरे के कारण लोगों को पूरे दिन सूर्य देव के दर्शन नहीं हो सके। इससे सर्दी का असर और अधिक महसूस किया गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. ममता ने बताया कि वीरवार को बारिश होने की संभावना है।
यदि बारिश होती है तो तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। ठंड के कारण बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही भी कम नजर आई। दिन का अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार ठंडे मौसम के कारण लोगों को अलाव, गर्म कपड़ों और हीटर का सहारा लेना पड़ा। सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
दो माह से एक साल के बच्चे चपेट में : ठंड का असर स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई दे रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ललित त्यागी ने बताया कि अधिकतर दो माह से एक वर्ष तक के बच्चे ठंड की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों में सर्दी-जुकाम,उल्टी, दस्त और बुखार के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है।
कुरुक्षेत्र। बच्चे की जांच करते शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल त्यागी। संवाद- फोटो : samvad