कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन एडहॉक कमेटी का करीब ढाई माह पहले कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद गत 14 अगस्त को भले ही प्रदेश सरकार ने नई कमेटी की घोषणा कर दी। इसके लिए 41 नए सदस्यों की सरकारी तौर पर सूचना भी जारी कर दी गई, लेकिन आज तक भी न नई कार्यकारिणी बन पाई और न ही नए सदस्य शपथ ले पाए। इसके बीच विधानसभा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता आड़े आ गई।
अब यह भी तय नहीं कि आखिर नई कार्यकारिणी का गठन कब होगा और कब शपथ ली जाएगी। ऐसे में गुरुघरों व अन्य सिख संस्थानों का संचालन प्रभावित हो सकता है जबकि यह पूरी कार्रवाई सूचना जारी होने के 15 दिन तक पूरी की जानी होती है। बता दें कि पूर्व की कमेटी का कार्यकाल गत 31 मई को खत्म हो गया था, जिसके बाद तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे थे। उहापोह के बीच आखिरकार गत 14 अगस्त को प्रदेश सरकार ने नए सदस्यों को नामित करते हुए सूची जारी कर दी थी, जिसमें 25 नए सदस्य शामिल किए थे। वर्ष 2022 में बनाई कमेटी के 22 सदस्यों को बाहर कर दिया था तो वहीं 16 को फिर से मौका दिया गया था। नए सदस्यों में निवर्तमान प्रधान भूपिंद्र सिंह असंध भी शामिल है जबकि जगदीश सिंह झींडा व दीदार सिंह नलवी को भी इस बार नहीं लिया गया। नए सदस्यों की सूची जारी होने के बाद 17 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ आवास पर बैठक भी तय की गई थी, जिसमें संभावना जताई जा रही थी कि कार्यकारिणी का गठन कर लिया जाएगा तो शपथ भी दिला दी जाएगी। बताया जा रहा है कि नए सदस्य मुख्यमंत्री आवास पर गए भी थे लेकिन आचार संहिता लागू होने के चलते यह बैठक टल गई थी।
जिला अनुसार नए सदस्यों की संख्या
अंबाला6
फरीदाबाद- 3
पंचकूला3
कैथल2
करनाल-5
कुरुक्षेत्र6
जींद3
पानीपत1
सिरसा9
यमुनागर3
दो दिन निकाल दिए, नहीं करवाई गई शपथ : नलवी
पूर्व कमेटी में सदस्य रहे सिख नेता दीदार सिंह नलवी का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा पहली कमेटी का कार्यकाल खत्म होते ही नई कमेटी बनाई जानी चाहिए थी। पहले तो इसमें ही ढाई माह निकाल दिए और जब नई कमेटी बनाई तो उसे भी शपथ नहीं दिलाई और दो दिन निकाल दिए। जब आचार संहिता लगने का अंदेशा था तो अगले ही दिन शपथ दिलाई जा सकती थी। अब नए सदस्य नामित होने के बाद भी उनका कोई औचित्य नहीं रहा है। जब तक कार्यकारिणी नहीं बनाई जाती और शपथ नहीं ली जाती तो काूननी तौर पर कोई कार्य भी नहीं किया जा सकता। अब विधानसभा चुनाव से पहले यह संभव भी नहीं लग रहा और ऐसे में पहले की कमेटी भी खत्म तो नई भी खत्म के समान ही रह गई।
निवर्तमान प्रधान बोले, अभी कुछ कहना उचित नहीं
निवर्तमान प्रधान एवं नई कमेटी में नामित सदस्य जत्थेदार भूपिंद्र सिंह असंध का कहना था कि अभी इस संबंध में कुछ भी कहना उचित नहीं है। सिख संस्थानों के पहले से जारी कार्य लगातार चल रहे हैं। वहीं प्रवक्ता रहे कंवलजीत अजराना का कहना है कि पूर्व की कमेटी ने बेहतर कार्य किया और आगे भी जो होगा बेहतर ही होगा।