यमुनानगर। अब स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील में मोटे अनाज (मिलेट्स) से बने व्यंजन परोसे जाएंगे। बच्चों के पोषण में सुधार के उद्देश्य से मिड-डे मील योजना में एक नई पहल की गई है।
अब स्कूलों के मेन्यू में बाजरा, रागी और अन्य मोटे अनाज से बने व्यंजन शामिल किए जा रहे हैं। यह कदम न केवल बच्चों को संतुलित आहार प्रदान करने के लिए उठाया गया है बल्कि मोटे अनाज के उपभोग को भी बढ़ावा देने के उद्देश्य से है। ये बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद हैं। इस पहल से मोटे अनाज की मांग बढ़ने से स्थानीय किसानों को भी लाभ होगा।
सरकार के इस फैसले से बाजरा, रागी सहित अन्य मोटे अनाज की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए मिड-डे मील के मेन्यू को नए सिरे से तैयार किया गया है। सर्दियों में बच्चों के शरीर को गर्म रखने और अधिक ऊर्जा प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थों की आवश्यकता होती है। इसीलिए बाजरा, रागी जैसे मोटे अनाज से बने व्यंजन शामिल किए गए हैं, जोकि विभिन्न पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।