कुरुक्षेत्र। बैठक में हिस्सा लेते हुए।स्वयं
कुरुक्षेत्र। कोयले के दाम बढ़ गए हैं जिसके कारण भट्ठों पर ईंटें भी महंगी हो गई हैं। ऐसे में घर बनाना आसान नहीं होगा। न केवल आम लोगों पर इसका बड़ा असर पड़ेगा बल्कि भट्ठा संचालकों के लिए भी बढ़ी परेशानी खड़ी हो गई है। जिला भट्ठा एसोसिएशन की एक बैठक इन्हीं हालातों के कारण बुधवार को हुई जिसमें गहन चिंता जाहिर की गई। बैठक में कोयले समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई। भट्ठा संचालकों ने बताया कि बीते 15 दिनों में आठ से 10 हजार रुपये टन कोयले का रेट बढ़ा है जिसकी वजह से भट्ठे वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनके लिए आगे भट्ठा चलाना मुश्किल हो गया है। बीते कई वर्षों से भट्ठे जून तक चलते थे लेकिन इन हालातों में ये भट्ठे जल्द बंद करने पड़ सकते हैं।
जिला प्रधान अश्वनी अरोड़ा, चेयरमैन राकेश गोयल ने बताया कि पहले कोयले पर पांच प्रतिशत जीएसटी होता था जोकि अब 18 प्रतिशत हो गया है। इससे कोयले की कीमत कई गुना बढ़ गई है। ऐसे में इसका असर देशभर में चल रहे निर्माण कार्यों पर भी पड़ेगा। अब से पहले ईंट का रेट सात से 7500 रेट था। अब वो ईंट आठ से 8500 रुपए हो सकती है।
भट्ठा संचालकों ने सरकार से मांग की है कि कोयला कम दामों पर उपलब्ध करवाया जाए और उस पर लागू की गई जीएसटी की नई दरें वापिस पांच प्रतिशत पर लाई जाएं। इस मौके पर चेयरमैन राकेश गोयल, लाडवा ब्लाक अध्यक्ष रणधीर सिंह, पिहोवा ब्लॉक प्रधान नवीन, राजीव शर्मा, अजय गोयल, केवल गोयल आदि उपस्थित रहे।