संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। दमकल विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बिजली निगम द्वारा ही आपूर्ति की जा रहीं बिजली पर निर्भर है। कट लगने की स्थिति में विभाग के पास ट्यूबवेल चलाने के लिए जेनरेटर की सुविधा नहीं है, जिसके चलते दमकल वाहनों में पानी भरना मुश्किल हो जाता है।
रेस्क्यू टेंडर को संचालित करने और इसके उपकरणों के रखरखाव के लिए निपुण कर्मचारियों की कमी भी सामने आई है। यह खुलासा गुरुवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता अंबाला के औचक जांच के दौरान हुआ। निरीक्षण ड्यूटी मजिस्ट्रेट कुमारी रूबल की निगरानी में किया गया।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम की जांच ने दमकल विभाग की आपात स्थिति से निपटने की तैयारी में गंभीर कमियों को उजागर किया है। सुबह नौ बजे उड़नदस्ता टीम दमकल विभाग के कार्यालय पहुंची तो विभाग के कर्मचारियों में खलबली मच गई। टीम ने सबसे पहले हाजिरी रजिस्टर संभाला तो सभी कर्मचारी ड्यूटी पर दर्ज थे, लेकिन वाहनों की जांच में एक दमकल गाड़ी खराब पाई गई। इसके साथ ही आपात स्थिति में तैनाती के लिए कर्मचारियों की संख्या अपर्याप्त पाई गई। अधिकारियों ने बताया कि विभाग में कर्मचारियों की कमी है। विभाग के पास आपात स्थिति से निपटने के लिए रेस्क्यू टेंडर तो है परंतु उसे संचालित करने के लिए कोई निपुण कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। स्टोर रूम की जांच में रखरखाव रजिस्टर नहीं मिला और व्यवस्था भी सही नहीं पाई गई।