मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मेरी नजर में सीएम कॉमन मैन और जनता सीएम है। कॉमन मैन जनता के बीच रहकर उनकी की सेवा करता है। जनता को भी सीएम को कॉमन मैन की तरह ट्रीट करना चाहिए, इससे प्रदेश के विकास में सरकार को जनता का महत्तवपूर्ण योगदान मिलेगा। मुख्यमंत्री रविवार को कुरुक्षेत्र के थीम पार्क में आयोजित पहले राज्यस्तरीय महाराजा शूरसैनी जयंती समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का हमेशा प्रयास रहा है सभी बिरादरी, जातियों के लोग आगे बढ़ें, सभी का उत्थान हो और सभी को समाज में बराबर के हक मिलें। इस दिशा में सरकार सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास की नीति पर आगे बढ़ रही है। सबके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वावलंबन सुनिश्चित करने का काम कर रहे हैं। इसी लक्ष्य को सामने रखकर वित्तमंत्री होने के नाते दो महीने लगातार बजट को लेकर तमाम लोगों से चर्चा की गई और समाज की तकलीफों को दूर करने के लिए एक ऐतिहासिक बजट को पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीपीएल की नई परिभाषा तय की है। इस परिभाषा के अनुसार अब 15 हजार रुपये प्रतिमाह यानि सालाना 1 लाख 80 हजार रुपये की आय वाले व्यक्ति को इसके दायरे में रखा गया है।
सरकार की सोच है कि 3 से 5 वर्ष तक के बच्चे की शिक्षा पर भी फोकस रखकर काम किया जाए और बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ कुशल भी बनाया जाए। इसलिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की तर्ज पर प्रदेश में हरियाणा कौशल विकास मिशन बनाया गया है। इस मिशन का उद्देश्य हमारे युवाओं को परंपरागत व्यवसायों के साथ-साथ आधुनिक व्यवसायों में प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनाना है, ताकि उन्हें रोजगार के नयेअवसर मिल सकें। उन्होंने कहा अब तक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, सूर्या योजना, सक्षम युवा योजना, हरियाणा कौशल विकास मिशन आदि के तहत लगभग 1 लाख 40 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सरकार ने इस वर्ष यमुनानगर, कैथल और सिरसा में तीन नए मेडिकल कालेज खोलने का निर्णय लिया है। सरकार का प्रयास है कि हर जिले में एक मेडिकल कालेज होना चाहिए। इतना ही नहीं सरकार ने जहां प्रदेश में एमबीबीएस की 750 सीटें होती थी, अब इसे बढ़ाकर 1710 कर दिया है ताकि प्रदेश में शिक्षकों की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा के साथ-साथ प्रदेश के लोगों को स्वाबलंबी बनाने के लिए सरकार रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ सबको हुनरमंद बनाने पर बल दे रहे हैं। इस दिशा में यह बहुत जरूरी है कि हम युवाओं की रुचियों को ध्यान में रखकर उन्हें शिक्षा दें। इस दिशा में विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय बड़ी भूमिका निभा रहा है। इस विश्वविद्यालय के साथ 70 से अधिक उद्योगों ने सहभागिता की है।