सरकारी व मान्यता प्राप्त स्कूलों में 4-5 पीरियड लगाते ही स्कूल से फुर्र होने वाले छात्रों व शिक्षकों पर शिक्षा विभाग ने लगाम लगा दी है। विशेष रुप से 11वीं व 12वीं कक्षा के इन छात्रों व उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों को अब स्कूल की पूरी छुट्टी होने (2:30 बजे) तक रुकना होगा और ऐसा न करने वाले छात्रों से लेकर शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में पढ़ाई को लेकर सख्त हुए शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक ओर कदम उठाया है। जिसके तहत विभाग की ओर से सभी सरकारी व मान्यता प्राप्त सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के मुखिया को पत्र जारी किया है।
जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल लगने के पूरे समय तक 11वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों को ही नहीं बल्कि उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों (लेक्चर) को भी स्कूल में रहना होगा। इस समय के दौरान जहां छात्र अन्य गतिविधियों में भाग ले सकेंगे वहीं शिक्षक उन्हें अतिरिक्त पढ़ाई भी करवा सकेंगे। जारी किए गए पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि तय समय से पहले स्कूल छोड़ने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तो वहीं शिक्षकों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होगी। बता दें कि पहले उक्त कक्षाओं के छात्र अपने महज 4 व 5 पीरियड लगाने के उपरांत छुट्टी कर स्कूल से फुर्र हो जाते थे जबकि छात्रों के जाते ही उन्हें पढ़ाने वाले अधिकांश शिक्षक भी स्कूल से निकल जाते थे।
विभाग को इस प्रकार की सूचनाएं लगातार मिल रही थी, जिसके चलते ही अब विभाग ने यह कदम उठाया है। विभाग ने न केवल निर्देश ही जारी किए हैं बल्कि इनकी पालना करवाने के लिए स्कूलों में छापेमारी के लिए भी योजना तैयार की है।
स्कूल छोड़ने वाले छात्रों व शिक्षकों पर होगी कार्रवाई : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी परमजीत शर्मा का कहना है कि उन्होंने 11वीं व 12वीं कक्षा के छात्रों व शिक्षकों को स्कूलों में पूरे समय तक रुकने के लिए निर्देश जारी कर दिए है। जिनकी अवहेलना करने पर छात्रों व शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कूलों में बच्चे अधिक समय तक रहेंगे तो वह और भी नई जानकारी हासिल कर पाएंगे और शिक्षक भी उन्हें अतिरिक्त पढ़ाई करवा सकेंगे।