प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग लगातार क्लीनिकल डिलीवरी सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर महिला चिकित्सकों की जिले में खासी कमी है।
हालात ये हैं कि जिला सिविल अस्पताल में जहां औसतन तीन सौ से ज्यादा डिलीवरी एक माह के भीतर हो रही हैं, वहां महिला रोग विशेषज्ञ ने अपना इस्तीफा दे दिया है। हालांकि अभी महिला चिकित्सक नोटिस पीरियड में है, लेकिन उनके जाने के बाद यहां के हालात और भी विकट होने वाले हैं।
एलएनजेपी अस्पताल के प्रसूति विभाग की सबसे सीनियर डॉक्टर ने नौकरी छोड़ने का नोटिस देकर स्वास्थ्य विभाग को बड़ा झटका दिया है। एक ओर एलएनजेपी अस्पताल के प्रसूति विभाग में पहले ही डॉक्टरों की कमी चल रही है, लेकिन अब एक और महिला चिकित्सक ने इस्तीफा दे दिया है, जिसके चलते आने वाले दिनों में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
सूत्रों का कहना है कि महिला चिकित्सक डॉ. नेहा गायनी विभाग की अध्यक्ष थीं और उन्हीं के नेतृत्व में सारा कार्य चल रहा था। हालांकि उनके नौकरी छोड़कर जाने के पहले ही से कयास लगाए जा रहे थे, क्योंकि उन्होंने अपना निजी प्रेक्टिस करने के लिए मन बना लिया था। हाल ही में उन्होंने एक बड़ा अस्पताल भी शहर में बनाया है, जिसका हाल ही में उद्घाटन हुआ है।
प्रसूति विभ्ााग में महिला डॉक्टर
एलएनजेपी अस्पताल के प्रसूति विभाग में 10 महिला डॉक्टर हैं। इन डॉक्टरों में 3 डॉक्टर एमडी गाइनी, 3 डॉक्टर एमबीबीएस ईएमोक ट्रेंड, एक डॉक्टर डीजीओ, 2 डॉक्टर एमबीबीएस और 1 डॉक्टर कम्यूनिटी मेडिसन से हैं। इसमें से एक डॉक्टर एमडी गाइनी ने इस्तीफा दे दिया है और एक डॉक्टर काफी समय से ड्यूटी पर नहीं हैं।
अप्रैल से जून तक का रिकॉर्ड
लड़के लड़की कुल बच्चे
एलएनजेपी अस्पताल 502 445 947
सीएचसी पिहोवा 85 69 154
सीएचसी लाडवा 23 33 56
सीएचसी शाहाबाद 45 35 80
सीएचसी मथाना 26 24 50
डिलीवरी हट्स 03 05 08
पीएचसी खानपूर कौलिया 26 28 54
पीएचसी इस्माईलाबाद 24 22 46
पीएचसी झांसा 08 22 30
पीएचसी बाबैन 23 16 39
पीएचसी बारना 17 12 29
पीएचसी पिपली 31 20 51
पीएचसी किरमिची 12 17 29
पीएचसी धुराला 12 21 33
पीएचसी अमीन 12 17 29
पीएचसी गुधा 10 08 18
पीएचसी टाटका 12 08 20
पीएचसी डीग 19 12 31
पीएचसी कलसांणा 09 08 17
पीएचसी सेना सदन 17 28 45
पीएचसी ठोल 18 06 24
पोली क्लीनिक 03 03 06
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कुल बच्चे 937 859 1796
मेरी जानकारी में आया है कि डॉ. नेहा ने नौकरी छोड़ने के लिए एमएस कार्यालय में नोटिस दे दिया है, लेकिन अभी तक नोटिस मेरे पास नहीं पहुंचा है। नोटिस मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सिविल अस्पताल में गायनी विभाग का कार्य प्रभावित न हो इसकी उचित व्यवस्था की जाएगी।
डॉ. केके शर्मा, कार्यवाहक, सिविल सर्जन