शासन-प्रशासन सड़कों की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा है। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की सड़कों के हालात तो यही सब कुछ बयां कर रहे हैं। धर्मनगरी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, मगर पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक सड़कों की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। पिपली-थर्डगेट से गीता स्थली ज्योतिसर तक का सफर भी खतरे से खाली नहीं है। इस मार्ग पर जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है, क्योकि इस मार्ग के हालत बद से बदतर हो चुके हैं।
थर्डगेट से ज्योतिसर तक करीब पांच किलोमीटर लंबी यह सड़क न केवल कई जगह से टूट चुकी है, बल्कि इस सड़क के बीच में कई बड़े और गहरे गड्ढे हो चुके हैं। यह सड़क कई जगह से बैठ गई है।
एसवाईएल नहर के पास ही सड़क संकरी हो जाती है। नहर से आगे जाने के बाद सड़क पर कई साल पहले किया गया पैचवर्क बैठ गया और सड़क खुरदरी हो चुकी है।
यहां बता दें ज्योतिसर और थर्ड गेट के बीच कई महत्वपूर्ण स्थल नरकातारी तीर्थ, कल्पना चावला तारामंडल, इस्कॉन मंदिर, दो शिक्षण संस्थान, मत्स्य विभाग कार्यालय, ज्योतिसर पुलिस चौकी व बस अड्डा सहित कई मंदिर विद्यमान है। इस सड़क से रोजाना सैकड़ों पर्यटक, श्रद्धालु सहित हजारों लोग सफर कर रहे हैं, मगर सड़क की खस्ता हालत की ओर शासन और प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
वहीं हर माह होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलेभर की सड़कों की मरम्मत और उनको दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन यह दावे केवल बैठकों तक ही सीमित रहते हैं। सड़क की खस्ता हालत के कारण कई बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी है। बता दें दो साल पहले ज्योतिसर के पास एक सहकारी समिति की बस पलट गई थी, जिसमें एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं एक युवक को अपनी दोनों टांगे गवांनी पड़ी थी। इसके अलावा कई अन्य लोग भी जख्मी हुए थे। पिछले सप्ताह ही ज्योतिसर के पास बोलेरो, ट्रक, रोडवेज की बस और बाइक आपस में टकरा गए थे। इसमें बाइक चालक को गंभीर चोटें लगी थी।
एसवाईएल नहर से कमोदा मोड़ तक का सफर बेहद मुश्किल भरा है। सतलुज-यमुना लिंक नहर के पास ही सड़क का स्तर उबड़ खाबड़ है। यहां से लेकर सेंट्रल वर्ज (सड़क के बीच की जगह) खत्म होने तक सड़क कई जगह से बैठ गई है। इसके बीच कहीं भी सड़क का स्तर ठीक नहीं है। वहीं इन हालात के बीच सड़क पर बने गड्ढे बेहद खतरनाक है।
गीता स्थली ज्योतिसर महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। इस तीर्थ के विकास के लिए राज्य और केंद्र दोनों सरकार की ओर से कई योजनाओं पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है, मगर सड़क की सुध कोई नहीं ले रहा है। रोजाना देश-विदेश से सैकड़ों पर्यटक और श्रद्धालु इस तीर्थ पर आते हैं।
एसवाईएल और भाखड़ा नहर के पानी के कारण सड़क की लगातार बैठ रही है। वहीं सड़क के साथ लगती कैनाल (छोटी ब्रांच) के पानी से भी सड़क का स्तर खराब हो रहा है। बता दें यह कैनाल गांव मुर्तजापुर तक बनी हुई है।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरुण भाटिया ने बताया कि थर्डगेट से ज्योतिसर तक सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया है। नहर और कनाल की स्थिति को देखते हुए सड़क को सीसी का बनाया जाएगा। इस पर करीब 26 करोड़ की लागत खर्च होगी। इस निर्माण के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, मगर अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृति मिलने पर सड़क का निर्माण होगा।