सरस्वती चैनल के किनारे गांव गजलाना से पिपली तक जल संरक्षण और बरसाती पानी के प्रबंधन के उद्देश्य से 10 बड़े तालाब बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की तरफ से बजट भी निर्धारित किया है। वहीं गांव रामपुरा, संघोर और बिहोली में तालाब बनाने के लिए पंचायत द्वारा जमीन उपलब्ध कराई गई है। इन तालाबों से पंचायतों को भी आर्थिक रूप से फायदा होगा। इस योजना को लेकर शुक्रवार को हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने बाबैन खंड के गांव रामपुरा में सरस्वती चैनल के निकट बनने वाले तालाब की छह एकड़ जगह का निरीक्षण किया। उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने बताया कि यह जमीन ग्राम पंचायत द्वारा भट्टे के लिए प्रयोग की जा रही थी। इस जमीन पर खुदाई का कार्य भी पहले से ही हो चुका है। अब गांव रामपुरा की इस जमीन का सदुपयोग किया जाएगा और इस भट्टे वाली जमीन को तालाब का स्वरूप दिया जाएगा।
इस तालाब में बरसात के दिनों में पानी भरा जाएगा ताकि गांव का पानी गांव में है रहे और इस पानी का सदुपयोग किया जा सकें। कहा कि सरस्वती बोर्ड की तरफ से गांव गजलाना से पिपली तक 10 तालाब बनाने के लक्ष्य में से गांव संघोर, बिहोली और रामपुरा में तालाब बनाने के लिए जमीन पंचायत की तरफ से उपलब्ध करा दी गई है। बोर्ड की तरफ से गांव रामपुरा में शीघ्र ही तालाब बनाने के साथ-साथ घाट का निर्माण करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस तालाब के साथ गांव टाटका और मरचेहड़ी तक सरस्वती चैनल के किनारे वाले मार्ग के पक्का भी किया जाएगा ताकि इस मार्ग पर पैदल और दोपहिया वाहन चल सके।
इन तालाबों का निर्माण होने से बाबैन ब्लॉक को डार्क जोन की स्थिति से उभारा जा सकता है, क्योंकि तालाब भरने के बाद एक किलोमीटर क्षेत्र में भूजल स्तर में सुधार होगा। इन तालाबों के निर्माण से पशु-पक्षी भी सहजता से पानी पी सकेंगे और इसका पानी लोगों के आचमन के लिए भी प्रयोग में आ सकता है।
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने कहा कि सरस्वती चैनल के निकट जिस गांव में भट्टे की जमीन या फिर खुदाई वाली जमीन व्यर्थ पड़ी है वह पंचायतें हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड से संपर्क कर सकती है। इस जमीन पर बोर्ड की तरफ से तालाब का निर्माण किया जाएगा। इससे गांव को भी आर्थिक रूप से फायदा होगा। बोर्ड की तरफ से एक तालाब के निर्माण पर करीब 20 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।