आज जिला की पढ़ी लिखी ग्राम पंचायतों के कार्यकाल का आखिरी दिन है। शाम पांच बजते ही 392 प्रधानों से उनकी चौधर छिन जाएगी। इसके साथ-साथ जिला परिषद व ब्लॉक समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा। अपने कार्यकाल के आखिरी दिन ग्राम प्रधान तथा सचिव बचे कामों को पूरा कर बिलों का भुगतान करने में लगे हैं। पंचायतराज विभाग ने पंचायत सचिवों को निर्देश दिए हैं कि इसके बाद प्रधानों के हस्ताक्षर किया गया कोई भी भुगतान मान्य नहीं होगा। चौधर छिनती देख सरपंच, पंच, जिला परिषद व ब्लॉक समिति सदस्यों को यह डर भी सता रहा है कि उन्हें दोबारा मौका मिलेगा या नहीं। शाम पांच बजते ही पंचायतों, ब्लॉक समिति व जिला परिषद का रिकार्ड प्रशासक अपने अंडर ले लेंगे और आगे के सभी कामकाज वही देखेंगे। जिला में पंचायतों पर बीडीपीओ, ब्लॉक समिति पर एसडीएम व जिला परिषद पर सीईओ जिप को प्रशासक नियुक्त किया गया है। कार्याकाल समाप्त होने के एक दिन पूर्व ही अधिकतर पंचायतों ने अपना रिकॉर्ड बीडीपीओ के पास जमा करा दिया है।
वर्ष 2016 में 10, 17 व 25 जनवरी को तीन चरणों में चुनाव संपन्न हुए थे। इस दौरान जिला की 392 ग्राम पंचायतों में 231 पुरुष व 161 महिलाओं को चौधर मिली। वहीं कुल 3307 पंचों में 1752 पुरुष व 1555 महिलाएं ने जीत दर्ज की। मौजूदा पंचायतों की पहली बैठक 23 फरवरी 2016 को हुई थी। अब पंचायतों, जिला परिषद व ब्लॉक समिति का कार्यकाल 23 फरवरी की ही शाम पांच बजे खत्म हो जाएगा। पंचायत कार्यकाल की समाप्ति नजदीक देख बचे विकास कार्यों को पूरा कर भुगतान करने में लगी हैं। डीडीपीओ प्रताप सिंह ने कहा कि कार्याकाल समाप्त होने से किसी भी प्रकार का कामकाज प्रभावित नहीं होगा। पंचायतों से जुडे सभी कार्य अब प्रशासकों की देखरेख में होंगे।
जिला की कुल 394 पंचायतों में पुरुषों की संख्या 231 व महिलां की संख्या 161 रहीं। इनमें 94 एससी, 121 बीसी/ओबीसी व 177 जनरल सरपंच थे। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो इनमें 62 सरपंच आठवीं पास हैं, 235 दसवीं, 58 बारहवीं और 37 ग्रेजुएट या उससे ज्यादा पढ़े लिखे हैं। सरपंचों की औसत उम्र 37 वर्ष रही।
जिला की कुल 394 पंचायतों में 3307 पंच हैं, जिनमें 1752 पुरुष व 1555 महिलाएं शामिल हैं। इनमें 927 एससी, 1383 बीसी/ओबीसी, 997 जनरल पंच थे। इनकी शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो इनमे से पांचवी पास 282, आठवीं पास 582, दसवीं पास 1997, बारहवीं पास 322 व ग्रेजुएट या उससे ज्यादा पढ़े लिखे 124 पंच शामिल हैं। इन पंचों की औसम उम्र 34 वर्ष है।
पंचायतें-101, पुरुष सरपंच-60,महिला-41
पंच-912, पुरुष-477, महिला-435
कुल पंचायतें- 66,पुरुष सरपंच-34, महिला-32
पंच-587, पुरुष-305, महिला-282
कुल पंचायतें-63, पुरुष सरपंच-37,महिला- 26
पंच-487, पुरुष-263, महिला- 224
कुल पंचायतें-75, पुरुष सरपंच-46, महिला- 29
पंच-600, पुरुष-319, महिला-281
कुल पंचायतें-42, पुरुष सरपंच-29, महिला-13
पंच-370, पुरुष-197, महिला-173
कुल पंचायतें-45, पुरुष सरपंच-25,महिला- 20
पंच-351,पुरुष-191, महिला-160
जिला परिषद में कुल 17 सदस्य शामिल रहे, जिसमें 11 पुरुष व 6 महिलाएं शामिल रहीं। वहीं इनमें 5 सदस्य एससी हैं, 4 बीसी/ओबीसी, 8 जनरल शामिल रहे। वहीं इनकी शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो इनमें आठवीं पास 1, दसवीं पास 3, बारहवीं पास 6, ग्रेजुएट 7 सदस्य हैं। कुल 17 सदस्यों की औसत उम्र 34 वर्ष है। जिला परिषद के चेयरमैन गुरदयाल सिंह सुनहेड़ी रहे।
ब्लॉक समिति में कुल 127 सदस्य शामिल रहे, जिनमें 68 पुरुष व 59 महिलाएं शामिल हैं। वहीं इनमें से 35 एससी हैं, 35 बीसी/ओबीसी, 61 जनरल शामिल रहे। वहीं शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो इनमें आठवी पास 20, दसवीं पास 66, बारहवीं पास 27, ग्रेजुएट 14 सदस्य हैं। कुल 127 सदस्यों की औसत उम्र 34 वर्ष है। ब्लॉक समिति के चेयरमैन देवी दयाल घराडसी रहे।