कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने लॉकडाउन के बाद छात्रावासों में खाने की थाली के दाम दोगुना बढ़ा दिये हैं, जिससे हॉस्टल में रहने वाले हजारों विद्यार्थियों की तेब पर आर्थिक बौझ बढ़ेगा। हॉस्टल में हरने वाले विद्यार्थियों को अब 150 रुपये प्रतिदिन डाईट के हिसाब शुल्क देना पड़ेगा, जबकि पहले यह शुल्क मात्र 70 रुपये था। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब एक माह का 645 रुपये हॉस्टल शुल्क भी निर्धारित किया है। केयू प्रशासन के इन फैसलों से छात्र संगठन मुखर हो गए हैं।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के 25 छात्रावासों में 3500 से अधिक विद्यार्थी रह रहे थे। लॉकडाउन के चलते विद्यार्थियों को हॉस्टल खाली करना पड़ा, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब ऑफलाइन परीक्षाओं के मद्देनजर हॉस्टल को पुन: खोलने का निर्णय लिया है। साथ ही डाईट चार्ज भी दोगुना बढ़ा दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले से एबीवीपी, एनएसयूआई, एसएफआई सहित कई छात्र संगठन मुखर हो गए हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को इस संदर्भ में ज्ञापन सौंपे गए हैं, अगर विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र ही इस मामले में संज्ञान नहीं लेता तो छात्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। बता दें कि विश्वविद्यालय ने अधिसूचना जारी करते हुए हॉस्टल सुविधा के लिए गूगल फार्म भरना अनिवार्य किया हुआ है। विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिए गए गूगल फार्म के लिंक पर जाकर अपनी जानकारी भर सकते हैं। कहा गया कि परीक्षा के लिए हॉस्टल सुविधा उन्हीं विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जाएगी जो इस गूगल फार्म को भरकर जमा कराएगा और विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित शुल्क जमा कराना होगा।
एबीवीपी के कैंपस संयोजक हिमांशु ठाकुर ने कहा कि होस्टल व डाईट का चार्ज बढ़ना उचित नहीं है। होस्टल में सभी वर्गों के विद्यार्थी रहते है, किसी आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी के ऊपर शुल्क का अधिक बोझ न डले, इसको लेकर एबीवीपी प्रयासरत है। विद्यार्थियों के हितों में देखते हुए विवि प्रशासन चार्ज को कम करें, अन्यथा एबीवीपी प्रदर्शन करेगी।
एनएसयूआई के कैंपस अध्यक्ष विशाल भारद्वाज ने कहा कि ऑफलाइन परीक्षा, होस्टल और डाईट चार्ज बढ़ाये जाने के विरोध में 15 फरवरी को थर्ड गेट पर छात्रों हड़ताल होगी। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के इन फैसलों के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशासन को विद्यार्थियों के हितों में फैसला लेना चाहिए।
डीएएसएफआई कैंपस अध्यक्ष पिंटू सिंगला ने कहा कि बुधवार को होस्टल व डाईट के बढ़ाए गए चार्ज कम करने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। अधिकारियों ने आगामी दो दिन तक इस मामले में संज्ञान लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन विश्वविद्यालय ने कोई कदम नहीं उठाया। आज इस मामले में दोबारा अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
जिला सयोंजक गगन ने कहा कि एसएफआई ने छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अनिल वशिष्ठ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था और मांग रखी थी कि बढ़ाए गए इन चार्च को वापस लिया जाए। अभी तक विवि प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया। प्रशासन को विद्यार्थियों की इस मांग पर संज्ञान लेना चाहिए।
केयू प्रवक्ता का कहना है कि हॉस्टल में विद्यार्थियों से 20 दिन का कम से कम डाईट और छह माह का हॉस्टल शुल्क वसूल किया जाता था। विद्यार्थी परीक्षा के दौरान ही हॉस्टल में रूकेंगे। पहले एक कमरें में तीन से चार विद्यार्थियों की व्यवस्था थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते एक कमरे में मात्र एक विद्यार्थी की व्यवस्था की जाएगी। हॉस्टल में रूकने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी काफी कम रहेगी। इसी को देखते हुए 150 रुपये प्रतिदिन की डाईट और 645 रुपये मासिक शुल्क निर्धारित किया गया है।