अब नगर परिषद की हाउस टैक्स ब्रांच में पुलिस की तैनाती की जाएगी। इसके साथ-साथ सीआईडी भी अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी। इस विषय को लेकर जिला पुलिस कप्तान हिमांशु गर्ग से भी बात की गई है। दरअसल, नप में चल रहे भ्रष्टाचार को रोकने व कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए विधायक सुभाष सुधा ने नप अधिकारियों के साथ वीरवार शाम बैठक करके यह फैसला लिया है। नप हाउस की बैठक में हर विपक्षी पार्षद नप अधिकारियों व कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाकर हंगामा करते थे। गत अप्रैल माह में हुई हाउस की बैठक में भी विपक्षी पार्षदों ने विधायक सुभाष सुुधा की मौजूदगी में नप कर्मियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। पार्षदों ने यहां तक आरोप लगाए थे कि नप की दिवारे तक भी बिना पैसे लिए काम नहीं करती है। बिना पैसे नो ड्यूज सर्टिफिकेट देना तो दूर उसके दर्शन तक नहीं कराते सहित कई अन्य मामले में गंभीर आरोप लगाए थे। अब नप में भ्रष्टाचार को रोकने, एजेंटों का खेल खत्म करने और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही सीआईडी भी अपनी पैनी नजर रखेगी। बैठक में विधायक सुभाष ने कहा कि हाउस टैक्स ब्रांच को लेकर लगातार शिकायते मिल रही है। इसलिए नप के अधिकारियों को सबसे पहले अपने व्यवहार में सुधार लाना होगा। दूर दराज से आने वाले लोगों के साथ अपने परिवार के सदस्यों की तरह व्यवहार करना होगा। हाउस टैक्स ब्रांच में अब नियमित रूप से दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक से बातचीत की गई है। इस शाखा पर पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपनी पैनी निगाह रखेंगे ताकि इस ब्रांच से बिचौलियों का सफाया किया जा सके।
विधायक सुुभाष सुधा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दुकानों के मालिक बनने की योजना का फायदा उठाए, जो भी व्यक्ति पॉलिसी की शर्तों को पूरा करता है, वह जल्द से जल्द मालिकाना हक के लिए नप कार्यालय में जरुरी दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन जमा कराएं। इस आवेदन के बाद नप कार्रवाई को शुरु कर देंगा।
विधायक ने कहा कि पिपली से थर्ड गेट तक तथा आसपास के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था व पानी निकासी प्रबंध करने के लिए कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई है। इन कर्मचारियों को लेकर नप की तरफ से एक व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया जाएगा। यह कर्मचारी रोजाना अपने-अपने क्षेत्र में सफाई करवाने और पानी निकासी के बाद फोटो सहित रिपोर्ट को अपलोड करेंगे। वहीं टीम अतिक्रमण करने वाले पर भी नजर रखेगी। पहले उसे विनम्रता से समझाएं, अगर फिर भी बात नहीं मानी तो उसे नोटिस देकर चालान करने की कार्रवाई की जाए।