कुरुक्षेत्र। दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंडक के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसका असर बच्चों की सेहत पर दिख रहा है, जिससे जिला नागरिक अस्पताल के बाल रोग विभाग में मरीजों की संख्या 80 के पार पहुंच गई है।
बच्चे बुखार, खांसी-जुकाम, गले में खराश और पेट दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं। कुछ बच्चों में बुखार के साथ कमजोरी और चिड़चिड़ापन भी है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल त्यागी के अनुसार, मौसम में अचानक बदलाव से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इससे वायरल संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। डॉ. ज्योत्सना ने बताया कि तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या लगातार उल्टी-दस्त जैसे गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। अभिभावकों को बिना चिकित्सकीय सलाह के बच्चों को प्रतिजैविक या अन्य दवाएं नहीं देनी चाहिए। अभिभावकों को बच्चों के खानपान और दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं, साफ पानी व पौष्टिक भोजन दें, तथा शीतल हवा और खुले खाद्य पदार्थों से बच्चों को दूर रखें। हाथ धोने की आदत संक्रमण से बचाव में मददगार हो सकती है।