कुरुक्षेत्र। अब प्रदेश भर के स्कूलों के विद्यार्थियों को विज्ञान के गुर से निपुण किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से विशेष तैयारी की गई हैं। जिले भर के 11वीं कक्षा के विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को पंजाब की साइंस सिटी कपूरथला के दीदार कराए जाएंगे, इससे विद्यार्थी विज्ञान और तकनीक से जुड़े अहम पहलुओं को प्रत्यक्ष रूप से देख कर नए अनुभव और जानकारियां हासिल कर सकेंगे। वहीं उन्हें भारत पाक बार्डर पर होने वाली परेड देखने का भी मौका भी मिलेगा, जो कि विद्यार्थियों में देशभक्ति के जज्बे को बढ़ाने का काम करेगा।
प्रदेश भर के 22 जिलों से इस भ्रमण में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों को पहले दिन अमृतसर में ठहराव कराया जाएगा। वहीं दूसरे दिन गोल्डन टेंपल, जलियांवाला बाग, अटारी बॉर्डर का भ्रमण कराया जाएगा। तीसरे दिन बच्चे साइंस सिटी कपूरथला में वैज्ञानिक तकनीकों को समझ सकेंगे, जबकि चौथे दिन कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर, कृष्ण संग्रहालय का दीदार कर सकेंगे ।पांचवें दिन कल्पना चावला तारामंडल का दीदार करने के बाद अपने घरों को लौटेंगे। दो चरणों में होने वाले इस शैक्षणिक भ्रमण के लिए पहले ग्रुप के लिए प्रति जिला छह लाख 22 हजार की राशि और दूसरे ग्रुप के लिए पांच लाख 12 हजार के करीब राशि मंजूर की गई है।
दो चरणों में होगा शैक्षणिक भ्रमण
15 सितंबर से छह अक्तूबर तक चलने वाले इस भ्रमण के दौरान 22 जिलों के विद्यार्थियों को दो ग्रुपों में विभाजित किया गया है, पहले ग्रुप में सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, रोहतक, झझर, भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद, पलवल, मेवात और गुरूग्राम को शामिल किया गया है, जबकि दूसरे ग्रुप में सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, पंचकुला और अंबाला को शामिल किया गया है।
100 विद्यार्थी लेंगे भ्रमण में हिस्सा : डॉ. तरसेम
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. तरसेम कौशिक का कहना है कि भ्रमण के दौरान 11वीं कक्षा के 100 विद्यार्थी हिस्सा लेंगे, जिनमें 50 छात्र और 50 छात्राएं शामिल होंगी, जबकि 10 शिक्षक विद्यार्थियों की देखरेख के लिए भ्रमण में शामिल रहेंगे।
विद्यार्थियों को मिलेगी अहम जानकारी : रोहताश
जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा का कहना है कि शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को कई तरह की अहम जानकारी मिलेगी। साइंस सिटी में होने वाले कई तरह के प्रयोगों को विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से देखकर लाभ उठा सकेंगे। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ ऐतिहासिक ज्ञान में भी बढ़ोतरी करना है।