कुरुक्षेत्र। चैत्र नवरात्र की शुरुआत चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होगी है, जिसका समापन नवमी के दिन किया जाएगा है। यह नौ दिन मुख्य रूप से देवी के नौ रूपों की पूजा को समर्पित है।
मान्यता है कि इस अवधि में यदि सच्चे भाव से उपासना की जाए, तो न केवल जीवन में सुख-समृद्धि बल्कि घर परिवार व कॅरिअर में भी शुभ परिणामों की प्राप्ति होती है। पंडित रामराज कौशिक ने बताया कि चैत्र माह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 मार्च को शाम चार बजकर 27 मिनट पर होगी और 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार 30 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू होंगे। इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएगी।उन्होंने बताया कि मां दुर्गा की विधिवत पूजा से सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नवरात्र में मां दुर्गा के पूजन से विशेष कृपा होती है।
इसलिए हर साल माता के आगमन की खुशी में घर, मंदिर व पंडालों में पूजा का भव्य आयोजन किया जाता है। इस बार 30 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है, जिसका समापन सात अप्रैल के दिन किया जाएगा।