देश-विदेश के कोने-कोने से आने वाले पर्यटक अब महाभारत के दृश्यों को देख सकेंगे। राज्य व केंद्र सरकार के श्रीकृष्णा सर्किट प्लान के तहत ज्योतिसर व अन्य तीर्थो पर महाभारत से संबंधित दृश्यों को जीवंत किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 67 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इतना ही नहीं, प्रथम चरण में कुरुक्षेत्र के लिए 100 करोड़ के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने मुहर लगा दी है। थानेसर विधायक सुभाष सुधा, समाज सेवी मदन मोहन छाबड़ा, धाराशाह निजी कंपनी के सलाहकार मजूब उर रहमान के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्योतिसर व अन्य तीर्थों का सोमवार को जायजा लिया।
थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने सोमवार को अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने कुरुक्षेत्र को पर्यटन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की श्रीकृष्णा सर्किट योजना को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया है। श्रीकृष्णा सर्किट के तहत जिला कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर, ब्रह्मसरोवर, छोटा व बड़ा सन्निहित सरोवर, नरकतारी व अमीन को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा।
तीर्थ स्थलों पर निर्धारित जमीन के अनुसार प्रोजेक्ट को विकसित करने और इन पर्यटन स्थलों को और अधिक विकसित करने की रूपरेखा भी तैयार कर ली है। विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार ने श्रीकृष्णा सर्किट के तहत 67 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं और इन पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए करीब 100 करोड़ के प्रथम चरण के बजट को मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि बड़े सन्निहित सरोवर पर करीब 12 करोड़ रुपये, शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास के लिए प्रथम चरण में 5 करोड़ रुपये, अमीन के लिए तनी करोड़, नरकातारी के लिए तीन करोड़ रुपये, ब्रह्मसरोवर के लिए करीब 3 करेाड़ 75 लाख रुपये और ज्योतिसर के लिए करीब 48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ब्रह्मसरोवर पर फव्वारे, लेजर शो को स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा अमीन में अभिमन्यू चक्रव्यूह का दृश्य को भी जीवंत किया जाएगा।