लोकसभा चुनाव 2014 की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी निखिल गजराज ने बताया कि जिला प्रशासन ने शांतिपूर्वक चुनाव करवाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
उन्होंने बताया कि मतदाताओं को अपने वोट के उपयोग के प्रति जागरूक करते हुए प्रशासन की ओर से लगभग 43 हजार नए वोट बनाए गए हैं ताकि योग्य मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सके। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की हिदायतों के अनुसार लोकसभा चुनाव 2014 में लोकसभा प्रत्याशियों के खर्चे पर नजर रखने के लिए नौ निगरानी कमेटियों का गठन किया है।
हर कमेटी में एक से लेकर 12 अधिकारियों को शामिल किया गया है। इन सभी अधिकारियों को जिला निर्वाचन कार्यालय की तरफ से प्रशिक्षण भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र में नौ विधानसभा क्षेत्र आते हैं जिनमें जिला कुरुक्षेत्र के 4, जिला कैथल के 4 तथा यमुनानगर जिले का रादौर विधानसभा क्षेत्र आता है।
उन्होंने जिला कुरुक्षेत्र में पड़ने वाले विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या संबंधी विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि जिला कुरुक्षेत्र की लाडवा विधानसभा में एक लाख 59 हजार 892, शाहाबाद विधानसभा में 143369, थानेसर विधानसभा क्षेत्र से 154329 व पिहोवा विधानसभा क्षेत्र में 155399 मतदाता हैं।
9 मार्च को सभी बीएलओ अपने-अपने बूथों पर तैयार मतदाता सूची के साथ उपलब्ध रहेंगे ताकि कोई भी मतदाता सूची में अपना नाम देख सके। चुनाव से पहले जो भी योग्य मतदाता आवेदन करेगा, उसका मत बनवा दिया जाएगा। डीसी ने कहा कि जिला में मतदाताओं को अपना मत बनवाने के प्रति प्रेरित करने के लिए मीडिया का उल्लेखनीय सहयोग रहा है।
गैस एजेंसियों के मालिकों ने भी मतदाताओं को अपना मत बनाने के लिए प्रेरित करने का काम किया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पहले विभिन्न पार्टियों के लोग वोटर स्लिप अपने तरीके से तैयार करते थे, लेकिन अब संबंधित बूथ लेवल आफिसर मतदाताओं को वोटर लिस्ट के अनुसार स्लिप उपलब्ध करवाएंगे। यदि किसी का मतदाता पहचान पत्र गुम हो गया है तो संबंधित बीएलओ उनकी मदद करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि सभी बूथों पर शत-प्रतिशत वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। जारी हिदायतों के अनुसार वीडियोग्राफी करवाने का मुख्य उद्देश्य चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संपन्न करवाना है। उन्होंने बताया कि फार्म नं. 26 में उम्मीदवार को अपनी संपत्ति सहित अन्य जानकारी देनी होगी। चुनाव प्रक्रिया को आपसी समन्वय और सामंजस्य के साथ निपटाने के लिए राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी सहयोगात्मक दृष्टि से बैठक की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिला निर्वाचन कार्यालय की तरफ से लगभग 43 हजार नए वोट बनाए गए हैं तथा पांच हजार अधिकारी व कर्मचारी चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए नियुक्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने खर्चों पर निगरानी करने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में सहायक खर्च अधिकारी (एईओ), वीडियो सर्वयालेंस टीम (वीएसटी), वीडियो व्यूइंग टीम (वीवीटी), अकाउंटिंग टीम (एटी), फ्लाइंग स्क्वायड (एफएस), स्टेट सर्वयालेंस टीम (एसएसटी), कंपलेंट मोनिटरिंग कंट्रोल रूम और कॉल सेंटर, मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मोनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) तथा एक्सपेंडीचर मोनिटरिंग सेल (ईएमसी) का गठन किया गया है। हर टीम में नियमानुसार सदस्यों को शामिल किया गया है।
लोकसभा प्रत्याशी अब खर्च कर सकेगा 70 लाख
चुनाव आयोग की तरफ से एक लोकसभा प्रत्याशी अब 40 लाख रुपये की बजाय 70 लाख रुपये तक की धनराशि निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार खर्च कर सकेगा। खर्च किए गए पैसे का पूरा ब्योरा रजिस्टर में अंकित करना अति अनिवार्य है। कोई भी व्यक्ति मात्र एक रुपया प्रति पेज की फीस भरकर किसी भी प्रत्याशी से किए गए खर्चे का ब्योरा ले सकेगा।