कुरुक्षेत्र। जिले में जनगणना का काम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। शहर से लेकर गांवों तक प्रगणक लगातार घर-घर जाकर लोगों का डेटा जुटा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि जिले में पहले चरण का करीब 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है और तय समय से पहले ही इसे समाप्त कर लिया जाएगा। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने सोमवार को जनगणना कार्य की प्रगति की समीक्षा की
उन्होंने बताया कि 30 मई तक पहले चरण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जो प्रगणक सबसे पहले और बेहतर तरीके से कार्य पूरा करेंगे, उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा। इन दिनों जिले के कई इलाकों में प्रगणक हाथों में टैब और दस्तावेज लेकर घर-घर पहुंच रहे हैं। कहीं परिवार के सदस्यों की जानकारी दर्ज की जा रही है तो कहीं मकानों और सुविधाओं से जुड़ा डेटा जुटाया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना टीम को सही जानकारी देकर सहयोग करें।
उपायुक्त ने कहा कि जनगणना के दौरान ली जाने वाली जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ यह डेटा साझा नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि जनगणना अधिकारी किसी से आधार नंबर, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी या ओटीपी नहीं मांग रहे हैं। अगर कोई ऐसा करता है तो सावधान रहें और पहले अधिकारी का परिचय पत्र जरूर जांच लें। प्रशासन के अनुसार जनगणना केवल आंकड़ों का काम नहीं बल्कि देश की विकास योजनाओं की नींव है। इसी डेटा के आधार पर सरकार संसाधनों का वितरण और भविष्य की नीतियां तय करती है। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जनगणना अधिकारियों के साथ असहयोग करना या जानकारी देने से इनकार करना जनगणना अधिनियम के तहत दंडनीय माना जाता है। इसलिए नागरिकों को जिम्मेदारी के साथ इस प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए। जनगणना 2027 से जुड़ी किसी भी जानकारी या समस्या के लिए आमजन राष्ट्रीय टोल फ्री हेल्पलाइन 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। यहां लोग अपनी भाषा में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।