कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में बुधवार को बैंडबाजों और आकर्षक झांकियों के साथ भगवान वामन नगर भ्रमण पर निकले। पवित्र सन्निहित सरोवर में नौका विहार किया। नगर में निकाली गई भव्य शोभायात्रा का जगह-जगह सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने फूलों की बरसात से स्वागत किया। भजन संध्या और महाआरती के साथ मेले का समापन हुआ तो इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी की गई। श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा तथा केडीबी के संयुक्त तत्वावधान में वामन द्वादशी मेला गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद तथा महंत बंसी पुरी के सान्निध्य में हुआ। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, महंत बंसी पुरी, पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा, पंडित बलराम गौत्तम तथा आचार्य राजेश वत्स भगवान वामन की पालकी को कंधों पर उठाकर मुख्य द्वार तक लाए और झंडी दिखाकर शोभायात्रा का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर भद्रकाली शक्तिपीठ के पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा, महंत लक्ष्मीनारायण पुरी, केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, कातियानी मंदिर से पंडित बलराम गौत्तम, आचार्य राजेश वत्स, ब्राह्मण सभा हरियाणा के प्रधान पवन शर्मा पहलवान, अखिल भारतीय सारस्वत ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा निंदी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुलदीप शर्मा गोल्ड़ी, नौजवान सभा के प्रधान अशोक शर्मा पहलवान, पार्षद दिलेश शर्मा, गीता महोत्सव प्राधिकरण के सदस्य विजय नरुला, मातृभूमि सेवा मिशन के संचालक श्रीप्रकाश मिश्रा, पार्षद परमवीर सिंह प्रिंस, विवेक भारद्वाज डब्बू, विशाल मौदगिल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस दौरान श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा, प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान नितिन भारद्वाज लाली व पूर्व प्रधान श्माम सुंदर तिवारी ने वेद मंत्रोच्चारण एवं शंखध्वनि के बीच गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद व महंत बंसीपुरी तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया, इसके साथ-साथ सभा के पूर्व प्रधान जयनारायण शर्मा, जलेश शर्मा, श्यामसुंदर तथा संरक्षक मंडल के सदस्य आरडी शर्मा सहित अन्य सदस्यों और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।
वामन भगवान ने किया था राजा बलि का अहंकार दूर : गीता मनीषी
कार्यक्रम में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद तथा महंत बंसी पुरी ने कहा कि 2021 से इस मेले का पुनर्जागरण करके श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा ने सराहनीय कार्य किया है। जब-जब भी सनातन परंपराएं लुप्त होने लगती है, भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर इन परंपराओं को दोबारा से स्थापित करते हैं। उन्होंने कहा भगवान विष्णु ने पहली बार मानव के रूप में अवतार लेकर वामन भगवान ने राजा बलि का अहंकार दूर किया था।
इन स्थानों से होकर निकली शोभायात्रा
शोभायात्रा दुखभंजन मंदिर से चलकर रेलवे रोड, गीता स्कूल मार्केट, आर्य समाज मार्केट, अंबेडकर चौक, आहलुवालिया चौक, पालिका बाजार, सीकरी चौक, नया बाजार, कच्चा घेर से वापस होते हुए गुरुद्वारा छठी पातशाही चौक से गुजरते हुए सन्निहित सरोवर पर संपन्न हुई। शोभायात्रा में शानदार आतिशबाजी की गई। भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शोभायात्रा में शामिल हजारों श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे।
पालकी में सवार होकर भ्रमण पर निकले वामन भगवान
बैंडबाजों और आकर्षक झांकियों के साथ पालकी में सवार वामन भगवान शोभायात्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकले। वामन भगवान की पालकी को वेदपाठी ब्राह्मणों ने कंधों पर उठाया हुआ था। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा के सन्निहित सरोवर पहुंचने पर पवित्र तीर्थ में ठाकुर जी को नौका विहार करवाया गया। नौका को फूल-मालाओं और भव्य रोशनी के साथ सजाया गया था। इस बीच सरोवर पर शानदार आतिशबाजी की गई।
कुरुक्षेत्र। वामन द्वादशी मेला को लेकर आयोजित शोभायात्रा में हिस्सा लेते श्रद्धालु। आयोजक- फोटो : Archive
कुरुक्षेत्र। वामन द्वादशी मेला को लेकर आयोजित शोभायात्रा में हिस्सा लेते श्रद्धालु। आयोजक- फोटो : Archive