कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के चुनाव 19 जनवरी को होंगे। इसके बाद प्रदेश में पहली बार संगत की ओर से चुनी हुई कमेटी अस्तित्व में आएगी। 40 वार्डों में होने वाले ये चुनाव प्रदेश में सिख राजनीति को भी दिशा देंगे।
वहीं प्रदेश के बड़े सिख नेताओं की सिख राजनीति भी यहीं से तय होगी। ऐसे में मुख्य तौर पर प्रदेश में अलग कमेटी के लिए संघर्ष कर रहे जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी व जत्थेदार संत बलजीत सिंह दादूवाल की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। शिअद बादल भी इन चुनावों में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटा है । सभी सिख नेता अपनी-अपनी जीत का दम भर रहे हैं और जमकर प्रचार में अपनी ताकत झोंक रहे हैं। ये चुनाव के बाद ही तय होगा कि संगत किसे गुरुघरों व अन्य सिख संस्थानों के बेहतर संचालन के लिए जिम्मेदारी सौंपेंगी। सिख राजनीति में सामने आए मुख्य चेहरे दीदार सिंह नलवी, जगदीश सिंह झींडा व संत बलजीत सिंह दादूवाल भले ही अपने-अपने गुट के प्रत्याशियों की जीत का दावा कर रहे हैं लेकिन सच ये है कि ये सभी 40 वार्डों में अपने-अपने प्रत्याशी तक नहीं उतार पाए हैं। झींडा 40 तो नलवी 31 व दादूवाल गुट 30 वार्डों में चुनाव लड़ रहे हैं। ो