पानी में बह चुके भाखड़ा नहर के किनारे और इसी के साथ दूसरी नहर एसवाईएल के पुल की रेलिंग भी मेन रोड से गायब हो चुकी है। इससे यहां पर हमेशा लोगों की जान को खतरा बना रहता है। इसके बावजूद सिंचाई विभाग के एक्सईएन कहते हैं यहां खतरे वाली बात नहीं है। आलम यह है कि पानी में बह चुके भाखड़ा नहर के किनारे ही नहीं, इसी के साथ दूसरी नहर एसवाईएल के पुल की रेलिंग भी मेन रोड से गायब हो चुकी है। खैर, यह मामला संबंधित विभाग और डीसी के संज्ञान में लाया गया है। डीसी ने उक्त हालात में जल्द सुधार का आश्वासन भी दिया है, लेकिन बगैर निरीक्षण किए सिंचाई विभाग के एक्सईएन का यह कहना कि हालात खतरे वाले नहीं है यह विभाग की लापरवाही और संवेदनहीनता का प्रमाण है।
सिंचाई विभाग की ऐसी ही लापरवाही के कारण 2010 में कुरुक्षेत्र बाढ़ के हालात झेल चुका है, जिसे नियंत्रण करने के लिए पुलिस, प्रशासन और सरकार की ही नहीं, बल्कि सेना को भी पूरी जान झोंकनी पड़ी थी। गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र शहर से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर दबखेड़ी से पहले एसवाईएल और भाखड़ा नहर के पुल हैं। कुरुक्षेत्र-बगथला रोड पर दबखेड़ी के निकट इन दोनों पुलों की रेलिंग जर्जर हो चुकी है, जबकि एक नहर के पुल की रेलिंग टूट कर सीधा सड़क लेवल से मिल चुकी है, यानि हलकी सी चूक यहां बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग को पुल की टूटी हुई रेलिंग और नहर के बंधो का निर्माण जल्द से जल्द कराना चाहिए। बता दें कि मार्च के शुरू में ही यहां एक होमगार्ड जवान की मौत नहर में डूबने से हो चुकी है। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि होमगार्ड जवान की मौत नहर में गिरने से हुई थी या उसकी हत्या हुई। गांव दबखेड़ी वासी गुरविंदर सिंह और जसविंदर सिंह का कहना है कि 24 घंटे चलने वाली इस रोड पर स्थित उक्त जगह से चंद कदम की दूरी पर ही दबखेड़ी गांव है। कई बार बच्चे, युवक इस नहर में नहाते देखे जाते हैं और ऐसी स्थिति में यह हालात इनके लिए जोखिम भरे हो सकते हैं। लिहाजा प्रशासन को नहर के बंध और दोनों पुलों की रेलिंग ठीक कराने की व्यवस्था करनी चाहिए।
तब परगट ने निकाली थी होमगार्ड जवान की लाश
भाखड़ा नहर में डूबने से कई लोगों को बचा चुके गांव दबखेड़ी वासी परगट सिंह ने बताया कि इस माह के शुरू में ही एक होमगार्ड जवान के डूबने की सूचना उसे मिली थी। इस जवान की लाश उसी ने नहर से निकाली थी। परगट सिंह का कहना है कि होमगार्ड जवान की पैंट उतरी हुई थी। यह हालात इस बात की ओर इशारा करते हैं कि होमगार्ड जवान शौच के बाद नहर पर हाथ-पांव धोने के लिए गया होगा और ऐसा करते समय नहर में गिरने से उसकी मौत हो गई। यहां बता दें कि इस क्षेत्र में परगट सिंह का नाम नहर में डूबने वालों के लिए संकटमोचक के रुप में जाना जाता है। वह अभी तक नहर में गिरे कई लोगों की जान बचा चुका है। इसके लिए उसे सामाजिक मंचों पर कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।
सोमवार को रिकार्ड के साथ बुलाए हैं अधिकारी : डीसी
जिला उपायुक्त सुमेधा कटारिया को जब इस बारे में बताया गया तो यह मामला अभी उनके संज्ञान में आया है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को उक्त जगह के निरीक्षण के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि नहर के टूटे हुए बंध और पुल की टूटी हुई ग्रिलों को जल्द से जल्द रिपेयर कराया जाएगा। कटारिया ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सोमवार रिकार्ड के साथ डीसी दफ्तर बुलाया गया है।
विभाग के एक्सइएन की प्रतिक्रिया
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता राजेश चोपड़ा को जब इस बारे में जानकारी दी गई तो उन्होंने बताया कि यहां खतरे वाली बात नहीं है। विभाग ने नहर के टूटे हुए बंधों और पैचवर्क के लिए अस्टीमेट तैयार करके सरकार को भेजा है। उम्मीद है कि अप्रैल में कलोचर मिलेगा। इसके बाद 15 से 20 दिन के भीतर यह काम पूरा कराने के लिए जल्द से जल्द कार्य होगा।