यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया राज्यस्तरीय समारोह रत्नावली में अव्यवस्थाएं भी रहीं। चार दिनों तक चले रत्नावली कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा दांव पर रही।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजन स्थल ऑडिटोरियम के वीआईपी गेट पर भी एक्सपायरी सिलेंडर टंगे रहे। यदि कोई अनहोनी हो जाती तो सैकड़ों जिंदगी दांव पर लग सकती थीं।
गौरतलब है कि रत्नावली महोत्सव के पहले ही दिन आरके सदन में अग्निशमन यंत्र एक्सपायर होने की खबर अमर उजाला ने प्रकाशित की थी। समाचार प्रकाशित होने के बाद केयू प्रशासन ने आरके सदन में लगे अग्निशमक यंत्रों को सही करा दिया, लेकिन अन्य स्थानों पर टंगे दर्जनभर अग्निशमक यंत्रों की जांच नहीं की गई।
मीडिया सेंटर, ऑडिटोरियम का वीआईपी एंट्री गेट, रि-इवेल्यूएशन ब्रांच, लैंग्वेज लैब और इंटर्नल क्वालिटी अस्योरंस सेल आदि स्थानों पर एक्सपायर अग्निशमन यंत्र टंगे रहे। लेंग्वेज लैब और एश्योरेंश सेल यूनिवर्सिटी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर कार्यालय के पास है।
पिछले वर्ष रत्नावली से पहले लगी थी आग रत्नावली महोत्सव 2014 से चंद घंटों पहले भी यूनिवर्सिटी के सुरक्षा प्रबंध धरे-धराए रह गए थे। इस दौरान ऑडिटोरियम हॉल में लगी आग ने लाखों का नुकसान किया था। अग्निशमन यंत्रों का चार्ज नहीं: डा. गुप्ता चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा कि उनके पास अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था संबंधी कोई चार्ज ही नहीं है। यदि भविष्य में इनके रख-रखाव की जिम्मेदारी उन्हें दी जाती है, तो वे इन पर ध्यान अवश्य देंगे।