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Kurukshetra News: कारोबारी बोले, बजट कारोबार के लिए संतुलित, नए उद्योगों को मिल पाएगा बढ़ावा

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कुरुक्षेत्र। राजेश सिंगला।
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कुरुक्षेत्र। केंद्र सरकार की ओर से रविवार को पेश किए गए बजट में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया है। इसके लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ के फंड का प्रावधान किया है। सरकार ने महिलाओं की ओर से शुरू किए जाने वाले नए उद्योगों के लिए विशेष ऋण सुविधा उपलब्ध कराए जाने की घोषणा भी की है। हालांकि ये घोषणाएं जमीनी स्तर पर कितनी सार्थक साबित होंगी यह समय आने पर पता चल पाएगा लेकिन बजट पर व्यापारी वर्ग की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है।
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अधिकतर व्यापारियों ने इसे संतुलित व साधारण बजट करार देते हुए कहा कि मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों की मुख्य उम्मीदों को और भी तव्वजो दी जा सकती थी। उनका कहना है कि वर्तमान आर्थिक चुनौतियों और बाजार में छाई सुस्ती को देखते हुए, व्यापारिक जगत को इस बजट से बूस्टर डोज दिए जाने की जरूरत थी, जो नहीं दी गई। आयकर स्लैब में भी बदलाव नहीं किया और जीएसटी प्रक्रियाओं के सरलीकरण की ओर भी नहीं बढ़ पाए।
इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव था जरूरी : राजेश सिंगला
चैंबर ऑफ कॉमर्स प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व कुरुक्षेत्र चैप्टर के उपाध्यक्ष राजेश सिंगला ने कहा कि सरकार को इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव जरूर करना चाहिए था। अधिकतम स्लैब 30 फीसदी को कम कर 20 फीसदी तक किए जाने की जरूरत थी, जो बजट में पूरी नहीं हो पाई। बजट में सरकार ने कुछ राहत दी लेकिन कारोबारी जो उम्मीद लगाए बैठे थे, उतनी घोषणा नहीं हुई। हालांकि छोटे उद्यमियों के लिए बजट राहत भरा हो सकता है।
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छोटे उद्यमियों के लिए अच्छी पहल : डॉ. जयभगवान

हरियाणा युवा व्यापारी संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रहे कारोबारी डॉ. जयभगवान सिंगला ने कहा कि बजट ने व्यापारियों को कोई खास राहत नहीं दी है लेकिन छोटे उद्यमी और महिलाओं को उद्योग शुरू करने के लिए ऋण मिलना अच्छी पहल है। एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़ के फंड का प्रावधान किया गया है जिसका समुचित उपयोग हुआ तो बड़ा असर भी दिखाई देगा। इसके लिए सरकार को और गंभीरता से कदम उठाने होंगे।
जीएसटी प्रक्रिया सरलीकरण था जरूरी : डॉ. गुलजार सिंह
कुरुक्षेत्रा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के सदस्य डॉ. गुलजार सिंह ने कहा कि भारत की अगली आर्थिक प्रगति तभी संभव है, जब डिजाइन, विनिर्माण, कर-सरलीकरण और एमएसएमई सशक्तीकरण एक साथ आगे बढ़ें। एमएसएमई डिजाइन सेक्टर को प्रोटोटाइपिंग अनुदान, परीक्षण अवसंरचना, आई संरक्षण और व्यावहारिक मार्गदर्शन की आवश्यकता है। उम्मीद है कि सरकार की ओर से 10+ हजार करोड़ के फंड का प्रावधान किया है, उससे इसके पंख लग पाएंगे। उनका कहना है कि अमेरिका के 500 प्रतिशत टैरिफ का प्रभाव कम करने के लिए भारत को आसियान, अफ्रीका और मध्य-पूर्व की ओर निर्यात विविधीकरण बढ़ाने के संबंध में बजट में कुछ ज्यादा देखने को नहीं मिला। घरेलू उत्पादन मजबूत करके बाहरी निर्भरता घटाने पर और जोर दिए जाने की जरूरत है।
व्यापारियों को सीधे तौर पर कोई खास राहत नहीं : दौलत
अनाज मंडी के कारोबारी दौलत राम बंसल ने कहा कि बजट में सरकार ने ऐसा कोई विशेष कदम नहीं उठाया है जिससे व्यापारियों को सीधे तौर पर कोई राहत मिल सके। सरकार को टैक्स कम करने के साथ ही जीएसटी में भी कुछ सरलीकरण किया जाना चाहिए था। केंद्र सरकार ने जो बजट पेश किया है, उसका स्थानीय स्तर पर क्या फायदा होगा, यह अभी व्यापारी समझ भी नहीं पाए हैं।
व्यापारी-उद्यमी के लिए बजट में घोषणाएं

- एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम को सशक्त बनाने और चैंपियन उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की योजना की घोषणा।

- कंटेनर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव।

- जीईएम पोर्टल को ट्रेडस के साथ जोड़ा जाएगा ताकि सरकारी खरीदारी से जुड़ी जानकारी तक फाइनेंसर्स की पहुंच बढ़े और एमएसएमई को जल्दी व आसान ऋण मिल सके।

- महिला उद्यमियों सहित पांच लाख पहली बार उद्यमी शुरू करने वालों के लिए दो करोड़ रुपये तक के सावधि ऋण की योजना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के स्वामित्व वाले एंटरप्राइजेज को बढ़ावा देने के लिए सी-मार्टस की स्थापना।

- ऑटोमेटेड सर्विस ब्यूरो के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले कलपुर्जों के उत्पादन के लिए हाईटेक टूल रूम स्थापित किए जाएंगे।

कुरुक्षेत्र। राजेश सिंगला।

कुरुक्षेत्र। राजेश सिंगला।

कुरुक्षेत्र। राजेश सिंगला।

कुरुक्षेत्र। राजेश सिंगला।

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