क्षेत्र के लोगों की करीब 50 वर्ष पुरानी मांग अब पूरी हुई है, जिससे लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सरकार ने मारकंडा नदी पर गांव कलसाना के पास न केवल पुल को मंजूर कर लिया है बल्कि इसके लिए 12 करोड़ 30 लाख रुपये का बजट मंजूर कर लिया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने क्षेत्र के लोगों की पुरानी मांग को पूरा करने का कार्य किया है। इस पुल के बनने से करीब 40 गांवों के लोगों को लाभ होगा।
पुल के निर्माण से किसी भी ग्रामीण की संपत्ति को कोई भी नुकसान नहीं होने दिया जाएगा बल्कि लोगों की सुविधा के लिए मोहनपुर-मदनपुर के बीच 2 किलोमीटर लंबा 24 लाख रुपये की लागत से बांध बनाया जाएगा। राज्यमंत्री ने सोमवार को पुल के स्थल का निरीक्षण किया तथा लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह पुल बनाने के लिए जब से हरियाणा बना इस क्षेत्र के लोगों की मांग थी। परंतु किसी भी नेता ने इस क्षेत्र की मांग को पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह पुल कलसाना से मदनपुर-मोहनपुर होता हुआ सलपानी के रास्ते कुरुक्षेत्र मिलेगा। उन्होंने कहा कि मारकंडा नदी पर मोहनपुर और मदनपुर के बीच में 24 लाख रुपये की लागत से 2 किलोमीटर लंबा बांध बनाया जाएगा तथा इस बांध को पक्का भी किया जाएगा।
उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि इस पुल के बनने से अब सीधा कुरुक्षेत्र जाने में सुविधा होगी बल्कि 12 किलोमीटर का सफर भी कम होगा। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि कुछ विपक्षी लोग इस पुल को बनने में अलग-अलग प्रकार के भ्रम पैदा कर रहे है। वे लोग ग्रामीणों को पुल के बनने से नुकसान की बात कह रहे है। इस अवसर पर पीडब्लयूडी के कार्यकारी अभियंता एसपी सरोहा, भाजपा के जिला महामंत्री रविन्द्र संागवान, ब्लाक चेयरमैन गोपाल राणा, मंडल प्रधान दल सिंह राणा, राम प्रसाद झरौली, मंडल प्रधान अरूण कंसल, मुलख राज गुम्बर, कर्णराज तूर, मामू माजरा के सरपंच अमरजीत सिंह, शीशपाल सुरखपुर, सरदार जगबीर सिंह मदनपुर, केयर सिंह छपरी, विनोद कलसाना, देशराज चोराया, राजपाल चनारथल, विष्णु भगवान गुप्ता, सिमरण झरौली, निटू राणा, सुनील अजरावर व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।