वे शनिवार को गीता ज्ञान संस्थान में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा आयोजित 24वें वार्षिक अधिवेशन के प्रथम सत्र के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा समाज के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की और कहा कि पूर्व सैनिकों की तमाम समस्याओं को केंद्र सरकार के माध्यम से समाधान करवाने का भरसक प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सैनिक अपनी सकारात्मक ऊर्जा, अनुभव एवं विवेक का प्रयोग राष्ट्र, समाज एवं गौरवशाली सेनानियों के परिवारों के कल्याण एवं उत्थान में कर रहे हैं, जोकि देश-प्रदेश और हम सबके लिए गर्व की बात है।
कहा कि आज भारत की सशस्त्र सेनाओं में हरियाणा का योगदान अनुकरणीय है। एक छोटे से प्रदेश से भारी संख्या में लोगों का भारतीय सशस्त्र सेनाओं में आना हम सबके लिए गर्व की बात है। इन सब युवाओं को प्रशिक्षण देकर भर्ती योग्य बनाने के लिए भूतपूर्व सैनिकों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। नूंह का उजीना एक ऐसा गांव जिसे सेना के जवानों का खजाना माना जाता है। इस गांव के युवाओं में देश की सेवा करने का अलग ही जज्बा है। अकेला यह गांव 700 से भी अधिक नौजवान देश को सैनिक के रूप में दे चुका है। केंद्र सरकार के द्वारा शुरू की गई अग्निवीर योजना में अब तक इस गांव से काफी बच्चों का चयन भी हो चुका है।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी ने कहा कि परिषद की तरफ से 1995 से लेकर अब तक के 28 वर्ष की उपलब्धियों को लेकर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई है और इस फिल्म को सबके समक्ष रखा भी गया है। यह संस्था राष्ट्र के हर कोने में सक्रिय है और देश में एक मात्र ऐसी संस्था है जो पूरे राष्ट्र में समाज हित के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष कर्नल गोपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सैनिकों के लिए अनेक सराहनीय कार्य किए हैं।