हरियाणा के कुरुक्षेत्र में नरवाना ब्रांच नहर में डूबने से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र के दोनों छात्रों की मौत हो गई है। करीब 13 घंटे बाद कड़ी मशक्कत के बाद उनके शव बरामद कर लिए गए। मृतक दोनों छात्रों की शिनाख्त राहुल त्रिपाठी पुत्र हर्ष मनी त्रिपाठी निवासी शिव नगर कॉलोनी अलाहपुर, प्रयागराज उत्तर प्रदेश व अनुभव जगरवाल पुत्र केसी मीना वासी डीडीए फ्लैट नंबर 193 एलआईजी फेज-वन मंगलापुरी, पालम विहार दिल्ली के तौर पर हुई है।
ये दोनों उक्त संस्थान के सिविल इंजीनिरिंग विभाग में बीटेक फाइनल ईयर के छात्र थे। पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए हैं। इस घटना से मृतकों के परिजनों व एनआईटी परिसर में शोक की लहर दौड़ गई है।
बता दें कि एनआईटी के आधा दर्जन से ज्यादा छात्र मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे नरवाना ब्रांच नहर में नहाने के लिए बुढेड़ा हेड पर गए थे। जहां देर शाम करीब सात बजे अचानक एक छात्र नहाते समय नहर में बह गया। दूसरे ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वह भी उसके साथ ही गहरे पानी में चला गया।
यह हादसा देख अन्य छात्रों ने तत्काल ही डॉयल 112 पर पुलिस को सूचना दी तो एक टीम मौके पर पहुंची। शाम करीब सवा सात बजे एनआईटी निदेशक डॉ. बीवी रमन्ना रेड्डी को सूचना मिली तो उन्होंने तत्काल ही जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा को सूचना दी। आनन-फानन सभी नहर पर पहुंच गए तो उनकी तलाश शुरू की गई। उसी दौरान करनाल के उपायुक्त अनीश यादव भी मौके पर पहुंचे।
रात को अंधेरा होने के चलते दो बजे तक भी प्रयास के बावजूद नहर में बहे छात्रों का सुराग नहीं लग सका तो बुुधवार सुबह फिर एनडीआरफ के अलावा कुरुक्षेत्र, करनाल व अंबाला के सरकारी व निजी गोताखोरों की टीम ने संयुक्त सर्च अभियान चलाया।
करीब पौने नौ बजे पहले घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूरी पर अनुभव जागरवाल का शव बरामद हुआ तो करीब पौना घंटा बाद राहुल का भी शव वहीं से बरामद कर लिया गया। केयूके थाना इंचार्ज देवेंद्र कुमार का कहना है कि हादसे को लेकर पीड़ित परिवारों की ओर से किसी प्रकार की आशंका जाहिर नहीं की गई, जिसके चलते इत्तेफाकिया कार्रवाई की गई है।
राहुल के शव का यहीं पर कराया गया अंतिम संस्कार
सूचना मिलने पर मृतक छात्र राहुल के पिता हर्ष मनी त्रिपाठी, मां शीला त्रिपाठी व कई अन्य परिजन भी कुरुक्षेत्र पहुंचे, जहां वे बेटे का शव देखते ही बिलख-बिलख कर रोने लगे। उन्होंने एनआईटी प्रशासन को राहुल के शव का यहीं पर अंतिम संस्कार करवाए जाने की इच्छा जताई और कहा कि वे शव को अपने घर नहीं ले जा सकते। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एनआईटी निदेशक डॉ. बीवी रमन्ना रेड्डी के अलावा अन्य सभी अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे। मृतक राहुल के पिता ने बताया कि वह उनका इकलौता बेटा था जो तीन बहनों का इकलौता भाई था।