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बुकिंग 1200 लोगों की, खाया 1800 ने, चेक मिला 10 माह बाद, वो हो चुका है दो बार बाउंस

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केंद्रीय राज्य मंत्री की कार्यशाला में किसानों, माननीयों और अधिकारियों को ब्रेकफास्ट और लंच कराने के 10 माह बाद एसडीएम आफिस से चेक मिला, वो भी दो बार बाउंस हो चुका है। यह कार्यशाला फरवरी 2020 में राष्ट्रीय जल मिशन द्वारा आयोजित की गई थी। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के आडिटोरियम हाल में आयोजित इस कार्यशाला में 1200 लोगों की ब्रेक फास्ट और लंच की बुकिंग थानेसर के एसडीएम आफिस द्वारा 3 लाख 60 हजार में की थी। इसके बावजूद 1200 की जगह 1800 ने खाना खाया, मगर बिल चुकता करने की बारी आई तो बार बार चक्कर लगवाने के 10 माह बाद ऐसा चेक थमाया जो दो बार बाउंस हो चुका है।
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शुक्रवार को एसडीएम आफिस में चेक लेकर पहुंचे कुरुक्षेत्र की अन्नपूर्णा डाइट के संचालक अवनी गुप्ता ने यह दुखड़ा सुनाया। गुप्ता ने बताया कि 10 माह बाद भी उन्हें पूरे 3 लाख 60 हजार का चेक नहीं, बल्कि 3 लाख पांच हजार रुपये का चेक 20 दिसंबर को थमाया गया था। पहली बार चेक अकाउंट में लगाया तो संबंधित खाता खाली होने चलते यह बाउंस हो गया। एसडीएम कार्यालय में जब इसकी शिकायत की तो उन्होंने बैंक में सिग्नेचर अपडेट न होने का हवाला देते दोबारा चैक अकाउंट में लगाने को कहा। दूसरी बार चैक लगाया तब भी वह बाउंस हो गया। अब जनवरी 2021 आ गया है, लेकिन इस 3 लाख 60 हजार रुपये के चैक को कैश कराने के लिए अन्नपूर्णा डाइट संचालक अवनी गुप्ता बैंक व एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। संवाद
केयू के ऑडिटोरियम में थी कार्यशाला
अवनी गुप्ता ने बताया कि 14 फरवरी को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय जल मिशन के द्वारा कृषि के लिए पानी के सदुपयोग पर एक कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला में केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की थी। वहीं कार्यशाला में किसनों सहित करीब 1800 लोग पहुंचे थे। प्रशासन द्वारा उन्हें 1200 लोगों के लिए ब्रेकफास्ट व लंच तैयार करने को कहा गया। संख्या 1200 से 1800 हो जाने पर भी उन्होंने अधिक भुगतान की मांग किए बिना सबके लिए खाना तैयार कराया। कार्यशाला के 10 माह बीत जाने पर 18 दिसंबर को भुगतान के लिए एसडीएम ऑफिस से तीन लाख 60 हजार का चैक कटा, जो उन्हें अगले दिन प्राप्त हुआ। उन्होंने 20 दिसंबर को चैक अपने अकांउट में लगाया और 21 दिसंबर को संबंधित अकाउंट में पैसे न होने के चलते चैक बाउंस होने का मैसेज मिला। उन्होंने इस बारे एसडीएम कार्यालय से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि एसडीएम का तबादला हो जाने पर बैंक में सिग्नेचर अपडेट करवाने पड़ते हैं। तब अधिकारियों ने सिग्नेचर अपडेट करा दिए। 23 दिसंबर को दोबारा चैक अपने अकाउंट में लगाया तो अगले दिन बैंक से फिर संबंधित खाते में पैने न होने के कारण चैक बाउंस होने का संदेश प्राप्त हुआ। गुप्ता ने बताया कि उसके बाद से वह लगातार एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहा है, लेकिन अधिकारी टरका रहे हैं।
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मामला संज्ञान में हैं, जल्द होगा भुगतान: एसडीएम
एसडीएम थानेसर अखिल पिलानी ने यह मामला उनके संज्ञान में है। जिस बैंक अकाउंट का चैक काटकर दिया गया था भुगतान राशि उस अकाउंट में आने की बजाए दूसरे बैंक अकाउंट में चली गई थी। बैंक अकाउंट में में राशि ट्रांसफर कर जल्द ही भुगतान हो जाएगा।
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